भिलाई/रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले की जांच में बड़ा मोड़ आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की संयुक्त टीम ने बुधवार को CGPSC के पूर्व सचिव जीवन किशोर उर्फ जेके ध्रुव के भिलाई स्थित निवास पर छापा मारा। भर्ती घोटाले, पेपर लीक (Paper Leak), मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) और चयन प्रक्रिया (Selection Process) में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत यह कार्रवाई की गई। एजेंसियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
जानकारी के अनुसार ED और CBI की संयुक्त टीम बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे जेके ध्रुव के निवास पर पहुंची। जांच अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से भर्ती घोटाले से जुड़े नए तथ्यों का खुलासा हो सकता है।
इसी मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम राज्यपाल के पूर्व सचिव अमृत खलको के भिलाई के तालपुरी स्थित निवास पर भी पहुंची। यहां भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसियों की नजर विशेष रूप से उन चयनों पर है, जिनमें अमृत खलको की बेटी नेहा खलको का 13वीं रैंक और बेटे निखिल खलको का 17वीं रैंक के साथ डिप्टी कलेक्टर पद पर चयन हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसियां अमृत खलको और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों को संदेह है कि भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के साथ आर्थिक लेन-देन का भी संबंध हो सकता है। इसी कारण मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं को भी जांच में शामिल किया गया है।
पूरा मामला CGPSC द्वारा वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इस दौरान चयन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुईं और प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों तथा करीबी उम्मीदवारों को नियमों की अनदेखी कर लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों को पेपर लीक, चयन सूची में हेरफेर और पदों के आवंटन में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं।
इस भर्ती घोटाले में पहले भी कई बड़े अधिकारियों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। CBI और ED लगातार मामले की जांच कर रही हैं। ताजा छापेमारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एजेंसियों का मानना है कि जब्त दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भर्ती घोटाले की परतें खोलने में अहम साबित हो सकते हैं।
फिलहाल जांच जारी है और एजेंसियां मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।