छत्तीसगढ़ में 500 से ज्यादा तहसीलदारों की हड़ताल: BJP विधायक की गिरफ्तारी की मांग, राजस्व कामकाज ठप, कांग्रेस का सरकार पर हमला

तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का आरोप है कि सरगुजा जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने मारपीट की थी।

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  • Publish Date - June 3, 2026 / 06:45 PM IST

रायपुर: छत्तीसगढ़ में बुधवार को 500 से अधिक तहसीलदार (tehsildar) और नायब तहसीलदार हड़ताल (Strike) पर चले गए, जिससे प्रदेशभर में राजस्व (Revenue) से जुड़े कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो गए। अधिकारियों ने सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सामूहिक विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। हड़ताल के चलते राज्य की अधिकांश तहसीलों में कामकाज ठप रहा और जमीन, नामांतरण, आय-जाति प्रमाण पत्र तथा अन्य राजस्व कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों का आरोप है कि सरगुजा जिले में पदस्थ नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और उनके समर्थकों ने मारपीट की थी। इसी मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी एकजुट होकर राजधानी रायपुर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी के अनुसार इस हड़ताल का असर लगभग पूरे प्रदेश में देखने को मिला। कई तहसील कार्यालयों में अधिकारी अनुपस्थित रहे, जिसके कारण आम लोगों के जरूरी काम नहीं हो सके। राजस्व मामलों से जुड़े आवेदनों और सुनवाई की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई।

विवाद की शुरुआत उस घटना से हुई, जिसमें विधायक रामकुमार टोप्पो ने आरोप लगाया था कि नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने उनकी चचेरी बहन के साथ अभद्र व्यवहार किया। वहीं तुषार मानिक का आरोप है कि इसी बात को लेकर विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की। घटना के बाद दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने काउंटर FIR दर्ज की थी।

मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज तहसीलदारों ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इससे पहले 30 मई को कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ ने भी इसी मुद्दे को लेकर हड़ताल की थी। उस दौरान विधायक रामकुमार टोप्पो ने स्वयं गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन और तेज हो गया है।

इस पूरे मामले पर राजनीति भी गरमा गई है। सरगुजा कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने आरोप लगाया कि FIR दर्ज होने के बावजूद सात दिन बीत जाने के बाद भी विधायक की गिरफ्तारी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सरकार अपने विधायक को बचाने का प्रयास कर रही है, जबकि हड़ताल की वजह से आम जनता परेशान हो रही है।

कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने विधायक के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।

दूसरी ओर, पटवारी संघ ने तहसीलदारों की हड़ताल का समर्थन किया है, जबकि वकील संगठनों ने इस हड़ताल का विरोध जताया है। भाजपा की ओर से कहा गया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रदेशभर में राजस्व सेवाएं प्रभावित हैं और आंदोलनरत अधिकारी विधायक के खिलाफ कार्रवाई होने तक अपने विरोध प्रदर्शन को जारी रखने के संकेत दे रहे हैं।