सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को लगाई फटकार, हाईकोर्ट के इंटीरियर कार्य का भुगतान 3 महीने में करने का आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के लिए किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है।

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 03:27 PM IST

नई दिल्ली/बिलासपुर: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने छत्तीसगढ़ सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भवन में किए गए इंटीरियर (Interior) और फर्निशिंग (Furnishing) कार्यों का बकाया भुगतान तीन महीने के भीतर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि न्यायपालिका से जुड़े कार्यों के भुगतान में इस तरह की देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई और स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के लिए किए गए कार्यों का भुगतान लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। अदालत ने कहा कि सरकारी विभागों को न्यायिक संस्थानों से जुड़े बुनियादी ढांचा कार्यों के प्रति जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

सुनवाई में सामने आया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट परिसर में इंटीरियर और अन्य संबंधित कार्य पूरे होने के बावजूद ठेकेदारों एवं एजेंसियों को भुगतान नहीं किया गया था। इस मुद्दे को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि लंबित भुगतान का निपटारा तीन महीने के भीतर किया जाए। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि आदेश का पालन नहीं होने की स्थिति में आगे आवश्यक कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।

यह मामला न्यायिक बुनियादी ढांचे से जुड़ा होने के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि न्यायालयों के निर्माण, रखरखाव और आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा नहीं आनी चाहिए।

अदालत की इस टिप्पणी को छत्तीसगढ़ सरकार के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि न्यायपालिका से जुड़े विकास कार्यों और उनके भुगतान में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।