जोजिला टनल में ऐतिहासिक सफलता, कश्मीर-लद्दाख को सालभर जोड़ने वाला सपना हुआ साकार

करीब 13.15 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बनाई जा रही है। यह टनल श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी।

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 03:24 PM IST

जोजिला दर्रा, जम्मू-कश्मीर/लद्दाख: भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा (Infrastructure) परियोजनाओं में शामिल जोजिला टनल (Zojila Tunnel) ने मंगलवार को एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब द्वि-दिशीय (Bi-Directional) हाई-एल्टीट्यूड रोड टनल में सफल ब्रेकथ्रू (Breakthrough) पूरा हो गया है। इस उपलब्धि के साथ कश्मीर और लद्दाख को सालभर जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है।

करीब 13.15 किलोमीटर लंबी जोजिला टनल हिमालय की दुर्गम पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बनाई जा रही है। यह टनल श्रीनगर और लेह के बीच हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करेगी। वर्तमान में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के कारण जोजिला दर्रा सर्दियों के दौरान कई महीनों तक बंद रहता है, जिससे लद्दाख का सड़क संपर्क प्रभावित होता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक ब्रेकथ्रू को पूरा किया गया। टनल के दोनों सिरों को जोड़ने का काम सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद परियोजना ने अपने सबसे महत्वपूर्ण निर्माण चरण को पार कर लिया है।

इस टनल के शुरू होने के बाद श्रीनगर से लद्दाख के बीच यात्रा काफी आसान हो जाएगी। जहां फिलहाल जोजिला दर्रे को पार करने में मौसम और यातायात के आधार पर कई घंटे लग जाते हैं, वहीं टनल के जरिए यह सफर लगभग 20 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

रणनीतिक दृष्टि से भी यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कश्मीर घाटी, द्रास, कारगिल और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क बना रहेगा, जिससे सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों के अनुसार ब्रेकथ्रू के बाद अब टनल के अंदर फिनिशिंग, सुरक्षा प्रणाली, वेंटिलेशन, विद्युत व्यवस्था और अन्य तकनीकी कार्य पूरे किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद यह दुनिया की सबसे लंबी सिंगल-ट्यूब द्वि-दिशीय हाई-एल्टीट्यूड रोड टनल के रूप में नई पहचान बनाएगी।