मध्य प्रदेश में HIV पर सियासी संग्राम: कमलनाथ ने सरकार को घेरा, 743 गर्भवती महिलाएं और 200 से ज्यादा बच्चे संक्रमित होने का दावा
By : hashtagu, Last Updated : June 3, 2026 | 6:24 pm
भोपाल: मध्य प्रदेश में एचआईवी (HIV) संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था (Health System) पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि पिछले पांच वर्षों में 200 से अधिक एचआईवी संक्रमित बच्चे जन्म ले चुके हैं, जबकि वर्ष 2025-26 में 743 गर्भवती महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव (HIV Positive) पाई गई हैं। उन्होंने इस स्थिति को बेहद गंभीर बताते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा है।
कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों में एचआईवी संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता का विषय हैं। उनके मुताबिक पिछले पांच वर्षों में 200 से अधिक एचआईवी संक्रमित बच्चों का जन्म होना इस बात का संकेत है कि संक्रमण की रोकथाम और समय पर उपचार को लेकर कई स्तरों पर कमियां बनी हुई हैं।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वर्ष 2025-26 के दौरान 743 गर्भवती महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव पाई गई हैं। उनका कहना है कि यदि गर्भावस्था के दौरान समय पर जांच और उचित इलाज उपलब्ध कराया जाए तो नवजात शिशुओं में संक्रमण का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में जांच और उपचार की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।
कमलनाथ ने राज्य सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और निगरानी को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित महिलाओं को समय पर दवाएं और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम, नियमित जांच और इलाज की सुविधाओं को और मजबूत किया जाए ताकि संक्रमण के मामलों में कमी लाई जा सके।
हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट के अनुसार पिछले पांच वर्षों में एचआईवी पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं की संख्या में करीब 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसी अवधि में 201 नवजात शिशु भी एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। इन आंकड़ों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों और राजनीतिक दलों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस का आरोप है कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सरकारी दावों के बावजूद जमीनी स्तर पर कई कमियां मौजूद हैं, जिनका असर मरीजों पर पड़ रहा है।
वहीं राज्य सरकार का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक प्रदेश के विभिन्न जिलों में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि संक्रमण की रोकथाम और उपचार के लिए कई योजनाओं पर काम जारी है।




