छत्तीसगढ़ में हर FIR की डिजिटल मॉनिटरिंग, 255 ऑनलाइन गैंबलिंग लिंक्स ब्लॉक, 165 फर्जी सिम एजेंट गिरफ्तार: डिप्टी सीएम विजय शर्मा

By : hashtagu, Last Updated : February 14, 2026 | 6:04 am

रायपुर (छत्तीसगढ़)। प्रदेश में अब हर एफआईआर (FIR) की डिजिटल निगरानी (Digital Monitoring) की जा रही है, जिससे कार्रवाई (Action) और विवेचना (Investigation) में तेजी आई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा (Vijay Sharma) ने संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले मामलों की समीक्षा हाथ से लिखकर दी जाती थी, जिससे जांच में देरी होती थी, लेकिन अब अपराध समीक्षा एप्लीकेशन (Crime Review Application) के जरिए हर एफआईआर का विश्लेषण, तय समय-सीमा में विवेचना और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित पर्यवेक्षण किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस मुख्यालय में ऑनलाइन कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया गया है, जो देश में अपनी तरह का खास उदाहरण है। जैसे ही कोई शिकायत पीएचक्यू पहुंचती है, वह तुरंत संबंधित एसपी, डीएसपी और थाने तक ऑनलाइन भेज दी जाती है। अगर 30 दिनों में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो सिस्टम में अलार्म अपने आप सक्रिय हो जाता है। इससे शिकायतों के निपटारे में तेजी आई है और जवाबदेही भी तय हो रही है।

उन्होंने बताया कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्रवाई की जा रही है। राज्य में पहली बार अनधिकृत ऑनलाइन गैंबलिंग प्लेटफॉर्म पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक और पोर्टल ब्लॉक किए गए हैं। इसके साथ ही साइबर अपराधियों के बैंक खातों को सीज किया गया है। फर्जी सिम जारी करने वाले 165 पीओएस संचालकों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ और डीजी (जेल) हिमांशु गुप्ता भी मौजूद रहे।

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि गौ-वंश तस्करों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। देश में पहली बार छत्तीसगढ़ में गौ-वंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार से जुड़े आदतन आरोपियों की सूची तैयार की गई है। ऐसे 19 आरोपियों की लगातार निगरानी की जा रही है। गौ-वंश वध, अवैध परिवहन और व्यापार के मामलों में पुलिस ने 142 वाहनों को राजसात किया है, जिनमें से 27 वाहनों की नीलामी की जा चुकी है।