राज्य सरकार के फैसले के तहत वे किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान बेच सकेंगे, जिन्होंने 10 जनवरी 2026 के बाद टोकन (token) के लिए आवेदन किया था लेकिन उनका सत्यापन नहीं हो पाया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि अंतरिम जमानत की अवधि के दौरान कवासी लखमा छत्तीसगढ़ में नहीं रहेंगे।
खासतौर पर प्रीमियम और महंगे ब्रांड की शराब पर ज्यादा शुल्क लगाया गया है, जिससे इनकी खुदरा कीमतों में स्पष्ट इजाफा हुआ है।
यह डंप लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी के लिए जमा किया गया था।
ग्रामीणों का आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी आरिफ, सलीम और इमरान लगातार उन लोगों को धमका रहे थे, जिन्होंने मंदिर से जुड़े मामले में पुलिस को गवाही दी थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत उस समय हुई जब एक संप्रदाय से जुड़े कुछ आपराधिक तत्वों ने दूसरे संप्रदाय के लोगों के साथ मारपीट की।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने की तैयारी में है।
पुलिस ने बताया कि यह रैकेट एक संगठित तरीके से ऑनलाइन सट्टेबाजी का संचालन कर रहा था, जिसमें कई लोगों को जोड़कर उनसे पैसे की वसूली की जा रही थी।
किसानों ने हाईटेक मंडी और ड्राई पोर्ट की आवश्यकता भी जताई, जिस पर सरकार ने विचार करने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने बच्चों से बातचीत करते हुए उन्हें मेहनत और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाकर सभी छात्र अपने भविष्य को उज्जवल बना सकते हैं।