इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश की 781 ग्रामीण बसाहटों को बारहमासी सड़क सुविधा मिलेगी, जिससे गांवों में आवागमन आसान होगा और लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
पुलिस के अनुसार, यह सट्टा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसका संचालन केवल रायपुर तक सीमित नहीं था।
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्व मध्यप्रदेश से लेकर दक्षिण भारत तक बनी द्रोणिका और महाराष्ट्र-कर्नाटक क्षेत्र में बने सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ में गर्मी का दबाव बढ़ रहा है।
एफआईआर में अनिल अग्रवाल के अलावा प्लांट हेड, सीनियर इंजीनियरों और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं।
घटना के करीब 30 घंटे बाद सामने आई शुरुआती जांच रिपोर्ट में प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रोडक्शन बढ़ाने की जल्दबाजी में बॉयलर फट गया।
सरकारी निर्णय के अनुसार अब महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन (property registration) कराने पर आधा स्टाम्प शुल्क देना होगा, जिससे जमीन और घर खरीदना पहले की तुलना में सस्ता और आसान हो जाएगा।
रायपुर: राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC – Uniform Civil Code) लागू करने की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में महानदी भवन स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में हुई कैबिनेट बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया। सरका
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भी घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्लांट में एंबुलेंस तक मौजूद नहीं थी, जो मजदूरों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए बस्तर में उपलब्ध संसाधनों के आधार पर नए इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स लाने की रणनीति पर भी विचार होगा।
उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।