रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने कहा कि कुछ सांसद लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने दावा किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के विरोध और नाराजगी के कारण ये सांसद असहज महसूस कर रहे हैं।
राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें झामुमो के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी शामिल थे।
संजय निषाद ने विपक्षी दलों के भीतर चल रही कथित नाराजगी और असंतोष का जिक्र करते हुए कहा कि कई सांसद अपने वर्तमान राजनीतिक भविष्य को लेकर असहज महसूस कर रहे हैं।
वीडियो में मेलोनी प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करती नजर आती हैं और मजाकिया अंदाज में दोनों की सोशल मीडिया लोकप्रियता का जिक्र करती हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा लगातार विपक्षी दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई वैश्विक नेताओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात को भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बागी सांसदों के समूह की प्रमुख नेता और बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एनसीपीआई ने सभी असंतुष्ट सांसदों को अपने साथ लेने पर सहमति दे दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को इस समझौते पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के समाधान का समर्थक रहा है।
अभिषेक बनर्जी का यह कदम ऐसे समय आया है जब टीएमसी के बागी सांसदों का एक समूह लोकसभा में अलग पहचान और मान्यता हासिल करने की कोशिश कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नामांकन खारिज किए जाने जैसे मामलों में अदालत आमतौर पर हस्तक्षेप नहीं करती।