ममता बनर्जी ने यह भी दावा किया कि भले ही सीटों के लिहाज से परिणाम अलग हों, लेकिन तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी को “नैतिक रूप से” हराया है।
विजय ने 7 मई को शपथ ग्रहण कराने का अनुरोध किया था और इसके लिए उन्होंने लोक भवन को ईमेल के जरिए अपना दावा भी पेश किया था।
सूत्रों के मुताबिक, TVK लगातार दूसरी पार्टियों से गठबंधन के लिए बातचीत कर रही है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस के साथ डील लगभग तय मानी जा रही है।
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए उसे “असली विलेन” बताया। उन्होंने कहा कि आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर करीब 100 सीटें छीन लीं।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 294 में से 207 सीटें जीत लीं, जबकि टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई।
राज्य की 294 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने 204 सीटें जीत ली हैं और 2 सीटों पर आगे चल रही है, जो राज्य में ऐतिहासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।
उन्होंने बंगाल की जीत को लोकतंत्र (democracy) और जनता के विश्वास की जीत बताया और कहा कि यह राज्य अब विकास (development), सुरक्षा (security) और भयमुक्त माहौल की ओर बढ़ेगा।
यह मुकाबला किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा, जहां एक नाराज (disgruntled) पूर्व सहयोगी ने अपने ही पूर्व बॉस के खिलाफ जीत दर्ज कर “मीठा बदला” (sweet revenge) ले लिया।
तमिलनाडु में भी बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। एक्टर से नेता बने विजय की पार्टी TVK (Tamilaga Vettri Kazhagam) 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है।
तमिलनाडु में सबसे बड़ा झटका मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को लगा है, जो कोलाथुर सीट से चुनाव हार गए हैं।