सेवा सेतु के माध्यम से अब दस्तावेज़ों, विभिन्न प्रमाण-पत्रों और अन्य जरूरी सरकारी सेवाओं की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सरल और सुलभ हो गई है।
'मेरा गांव, मेरा पानी 2.0' अभियान के तहत जिले की 551 ग्राम पंचायतों और 1,140 से अधिक गांवों में भूजल रिचार्ज और वर्षा जल संचयन के लिए व्यापक अभियान चलाया गया।
सरकार के अनुसार, लंबे समय तक नक्सल प्रभावित रहने के कारण गच्छनपल्ली के बच्चों को शिक्षा के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं।
जानकारी के मुताबिक, मंडला जिले के नैगांव गांव की रहने वाली रजनी सिंगाराम को गर्भावस्था के सातवें महीने में प्रसव पीड़ा शुरू हुई। सबसे पहले उन्हें घुठास सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से गांव के बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मरीजों को आवश्यक दवाइयां दी गईं और बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
मध्य प्रदेश के छोटे से गांव घुवारा से आने वाली क्रांति गौड़ ने कहा कि उनके परिवार ने आर्थिक तंगी के बावजूद हमेशा उनका साथ दिया।
परीक्षा केंद्र पहुंचने के बाद छात्रा और उसके पिता ने इंदौर पुलिस तथा संबंधित अधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में मिली इस मदद को वे कभी नहीं भूल पाएंगे।
एक समय नक्सली गतिविधियों से जुड़े रहे मासा तामो ने सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति पर भरोसा जताते हुए मुख्यधारा में वापसी की।
वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स सड़क के बीचोंबीच पालथी मारकर बैठा है और ट्रैफिक पुलिस उससे हटने की अपील कर रही है। इस दौरान उसकी पुलिसकर्मियों से तीखी बहस भी हुई।
जांच के दौरान ऐसी कॉपियां मिलीं, जिनमें छात्रों ने खुद को हनुमान भक्त बताते हुए पास करने की गुजारिश की।