गैस संकट पर केंद्र का जवाब: ‘मुद्दा न्यायिक बहस के लिए उपयुक्त नहीं’, बॉम्बे हाई कोर्ट ने याचिका रद्द की

By : hashtagu, Last Updated : March 18, 2026 | 12:28 am

मुंबई: केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ (Nagpur Bench of Bombay High Court) में कहा है कि देश में चल रही गैस (Gas) संकट को न्यायिक बहस (Judicial Debate) के तहत नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि यह एक नीति संबंधी (Policy) मामला है और इसका समाधान सरकार कई स्तरों पर सक्रिय रूप से कर रही है।

कोर्ट ने अपनी ओर से स्वतः संज्ञान में ली गई याचिका को खारिज कर दिया और केन्द्र के इस तर्क को सही माना कि एलपीजी (LPG) आपूर्ति के मुद्दे पर न्यायालय में बहस करना उचित नहीं है। केंद्र ने बताया कि समस्या को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर ध्यान में रखकर देखा जा रहा है, ताकि आपूर्ति में व्यवधान न आए।

सरकार ने यह भी कहा कि ईरान-इजरायल जैसे वैश्विक हालात के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, लेकिन देश के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। एलपीजी की कमी को देखते हुए आपूर्ति संवर्धन, डिस्ट्रीब्यूटरों के साथ संवाद और अन्य संबंधित उपायों पर काम जारी है।

कोर्ट का यह फैसला ऐसे समय आया है जब देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडरों की कमी के कारण लंबी कतारें और समस्या देखने को मिल रही है। केंद्र की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।