थलापति विजय सीएम बनने से सिर्फ 11 कदम दूर

By : hashtagu, Last Updated : May 6, 2026 | 1:40 pm

चेन्नई (तमिलनाडु) – तमिलनाडु की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय (Thalapathy Vijay) की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी (largest party) बनने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन बहुमत (majority) से अभी भी दूर है। सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों की जरूरत है। विजय खुद दो सीटों पर जीते हैं, ऐसे में उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, जिसके बाद TVK के पास 107 सीटें ही बचेंगी। कुल सीटों की संख्या 233 हो जाएगी, लेकिन बहुमत का आंकड़ा 118 ही रहेगा। यानी विजय को मुख्यमंत्री बनने के लिए अभी 11 विधायकों का समर्थन चाहिए।

सूत्रों के मुताबिक, TVK लगातार दूसरी पार्टियों से गठबंधन के लिए बातचीत कर रही है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस के साथ डील लगभग तय मानी जा रही है। इसके अलावा VCK, CPI और CPM जैसी पार्टियों से भी संपर्क जारी है, जिनके पास 2-2 विधायक हैं। 5 मई को विजय ने पूरे दिन अपनी कोर कमेटी के साथ बैठक की और DMK गठबंधन को तोड़ने की जिम्मेदारी अपने करीबी सलाहकार एसए चंद्र को सौंपी है। साथ ही, समर्थन देने वाली पार्टियों को मंत्रालय देने पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

बताया जा रहा है कि कांग्रेस को 2 मंत्री पद और बाकी पार्टियों को 3 से 4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं। विजय गठबंधन सरकार चलाने के लिए तैयार हैं, इसलिए सत्ता गठन में ज्यादा अड़चन की उम्मीद नहीं है। तमिलनाडु कांग्रेस के एक नेता ने भी साफ किया है कि उन्होंने समर्थन देने का वादा किया है और पार्टी हाईकमान पहले से ही विजय के साथ गठबंधन के पक्ष में था।

कांग्रेस के DMK से अलग होने के सवाल पर पार्टी नेता का कहना है कि यह तय था, क्योंकि जनता का जनादेश कुछ कमियों की ओर इशारा करता है। सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार के मुताबिक, विजय की पार्टी ने दोनों बड़े गठबंधनों को हराया है और करीब 35% वोट हासिल किए हैं। ऐसे में अगर कोई पार्टी उन्हें सत्ता से दूर रखने की कोशिश करती है, तो TVK समर्थक विरोध कर सकते हैं, इसलिए कोई भी दल ऐसा जोखिम नहीं उठाना चाहेगा।

दूसरी तरफ, AIADMK में भी टूट की संभावना जताई जा रही है। TVK के एक विधायक संगोटे श्रीनिवासन, जो पहले AIADMK में थे, अपने पुराने संपर्कों के जरिए पार्टी नेताओं से बात कर रहे हैं। पहले वे पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी को मनाने की कोशिश कर रहे हैं, और अगर बात नहीं बनी तो अन्य विधायकों से संपर्क किया जा सकता है। AIADMK के विधायकों को तोड़ने की रणनीति भी अपनाई जा सकती है।

पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार का मानना है कि विजय के लिए AIADMK के साथ मिलकर सरकार बनाना सबसे आसान और सुरक्षित रास्ता हो सकता है। क्योंकि VCK, CPI, CPM और DMDK जैसी पार्टियां फिलहाल DMK गठबंधन का हिस्सा हैं, इसलिए उनके विजय के साथ आने की संभावना कम मानी जा रही है।