H-1B वीजा विवाद पर अमेरिकी नेता की टिप्पणी, हैदराबाद के ‘चिलकुर बालाजी मंदिर’ को लेकर फिर बढ़ा विवाद

By : dineshakula, Last Updated : May 14, 2026 | 10:52 pm

नई दिल्ली: अमेरिका के रिपब्लिकन सीनेटर एरिक श्मिट (Eric Schmitt) ने H-1B वीजा (H-1B Visa) नीति को लेकर एक बार फिर सख्त बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रणाली अमेरिकी कर्मचारियों को नुकसान पहुंचा रही है और इसे “ग्लोबल वीजा कार्टेल (Visa Cartel)” से जोड़ा। इसी बयान में उन्होंने भारत के हैदराबाद स्थित प्रसिद्ध चिलकुर बालाजी मंदिर (Chilkur Balaji Temple) का भी जिक्र किया, जिसे लेकर नया विवाद शुरू हो गया है।

श्मिट ने आरोप लगाया कि वीजा प्रणाली का दुरुपयोग हो रहा है और विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी नौकरियों में प्राथमिकता दी जा रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने हैदराबाद के इस मंदिर को “Visa Temple” बताते हुए उदाहरण के रूप में पेश किया, जिससे भारत में नाराजगी और बहस तेज हो गई है।

चिलकुर बालाजी मंदिर लंबे समय से “वीजा मंदिर” के नाम से जाना जाता है, जहां हजारों लोग अमेरिका और अन्य देशों के वीजा मिलने की कामना के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि श्रद्धालु यहां भगवान बालाजी से प्रार्थना कर विदेश यात्रा और नौकरी की सफलता की कामना करते हैं। हालांकि मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व इससे कहीं अधिक गहरा माना जाता है और यह आस्था का प्रमुख केंद्र है।

अमेरिकी सीनेटर के बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था का गलत चित्रण बताया है, जबकि कुछ लोगों ने इसे अमेरिकी इमिग्रेशन नीति की राजनीतिक बहस से जोड़ा है।

इस बयान ने एक बार फिर H-1B वीजा और वैश्विक नौकरी बाजार को लेकर बहस को तेज कर दिया है। वहीं भारत में लोग इसे धार्मिक स्थल को गलत संदर्भ में पेश करने का मामला बता रहे हैं।