अमित शाह बोले-भारत सरकार किसी पर गोली नहीं चलाएगी, माओवादी हथियार डालें तो मिलेगा रेड कार्पेट स्वागत
By : hashtagu, Last Updated : February 8, 2026 | 6:29 pm
By : hashtagu, Last Updated : February 8, 2026 | 6:29 pm
रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे हैं। उन्होंने राजधानी के मेफेयर होटल में नक्सलवाद को लेकर हाईलेवल मीटिंग की, जिसमें इंटेलिजेंस इनपुट्स (Intelligence Inputs) की समीक्षा और विकास कार्यों पर चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कई प्रदेशों के डीजीपी, एसीएस गृह, CRPF और अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
जो छत्तीसगढ़ कभी नक्सली हिंसा का गढ़ था, भाजपा की डबल इंजन सरकार में विकास का पर्याय बन चुका है। यहाँ के युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक व टेक्निकल एजुकेशन को गति देते हुए अपनी संस्कृति व परंपराओं को भी सहेज रहे हैं। आज रायपुर में, छत्तीसगढ़ के विभिन्न विकास कार्यों पर समीक्षा बैठक की। pic.twitter.com/kMWdO4QbPs
— Amit Shah (@AmitShah) February 8, 2026
मीटिंग के दौरान अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार किसी पर गोली नहीं चलाना चाहती। सभी माओवादी अपने हथियार डाल दें, उनका स्वागत रेड कार्पेट पर किया जाएगा। शाह ने माओवादी विचारधारा पर भी हमला करते हुए कहा कि कम्यूनिस्ट शासन में विकास नहीं हो सका और आदिवासियों के कल्याण की जगह अंधकार फैला। उन्होंने यह भी कहा कि यह विचारधारा विनाश की द्योतक है और देश को इससे मुक्त होना चाहिए।
अमित शाह ने केरल में कम्यूनिस्ट सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि देश में केवल केरल में यह विचारधारा बची है, वहां भी इस बार समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सली प्रभावित क्षेत्रों में सिक्योरिटी स्ट्रेटजी, इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, नक्सली वित्तीय नेटवर्क पर प्रहार और आत्मसमर्पण नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ अब नक्सली हिंसा का गढ़ नहीं, बल्कि विकास का प्रतीक बन चुका है। युवा स्पोर्ट्स, फॉरेंसिक और तकनीकी शिक्षा को आगे बढ़ा रहे हैं और अपनी संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित कर रहे हैं।
बैठक के दूसरे सेशन में नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे की डेडलाइन केवल 51 दिन शेष है, इसलिए यह बैठक प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।