बस्तर में बड़ा सरेंडर, 25 लाख के इनामी नक्सली पापाराव ने AK-47 के साथ 18 साथियों सहित डाले हथियार

पापाराव पिछले करीब 25 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय था और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का अहम सदस्य माना जाता था।

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  • Updated On - March 25, 2026 / 09:19 PM IST

बस्तर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके में नक्सलवाद (Naxalism) के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से सक्रिय और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली पापाराव (Paparao Naxal Leader) ने आत्मसमर्पण (surrender) कर दिया है। वह AK-47 के साथ अपने 18 साथियों सहित सुरक्षाबलों के सामने पेश हुआ और सभी ने हथियार (weapons) डाल दिए।

पापाराव पिछले करीब 25 सालों से नक्सली संगठन में सक्रिय था और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का अहम सदस्य माना जाता था। उसके ऊपर कई बड़े नक्सली हमलों में शामिल होने के आरोप थे और सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं।

सरेंडर करने वालों में महिला नक्सली भी शामिल हैं। सभी ने पुलिस के सामने अपने हथियार जमा किए और मुख्यधारा में लौटने की इच्छा जताई। अधिकारियों के अनुसार यह सरेंडर सरकार की नीति और लगातार चलाए जा रहे अभियान का परिणाम है।

जानकारी के मुताबिक पापाराव कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा है, जिनमें 2010 का ताड़मेटला हमला भी शामिल है, जिसमें बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों के जवान शहीद हुए थे। इसके अलावा अन्य आईईडी ब्लास्ट और हमलों में भी उसकी भूमिका सामने आई थी।

राज्य सरकार ने इस सरेंडर को बड़ी उपलब्धि बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से बस्तर में नक्सली संगठन को बड़ा झटका लगा है और अब क्षेत्र में बड़े स्तर का कोई प्रमुख नक्सली नेता सक्रिय नहीं बचा है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इससे आने वाले समय में और नक्सली भी आत्मसमर्पण के लिए आगे आएंगे और बस्तर में शांति और विकास की प्रक्रिया तेज होगी।

सरकार की सरेंडर और पुनर्वास नीति (rehabilitation policy) के तहत इन सभी को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए आर्थिक मदद और रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।