महादेव सट्टा ऐप केस में ED का बड़ा एक्शन, दुबई-दिल्ली में 1700 करोड़ की संपत्तियां जब्त

ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने 24 मार्च को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कुल 20 अचल संपत्तियां अटैच की हैं।

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  • Updated On - March 25, 2026 / 09:13 PM IST

रायपुर: महादेव सट्टा ऐप (Mahadev Betting App) मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate-ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1700 करोड़ रुपये की संपत्तियां (properties) जब्त (seized) कर ली हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) जांच के तहत की गई है और इसे इस केस में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने 24 मार्च को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कुल 20 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें 18 संपत्तियां दुबई में और 2 संपत्तियां नई दिल्ली में स्थित हैं। इन सभी की कुल अनुमानित कीमत करीब 1700 करोड़ रुपये बताई गई है।

जांच एजेंसी के अनुसार दुबई में जब्त की गई संपत्तियां प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं। इनमें दुबई हिल्स एस्टेट, बिजनेस बे, एसएलएस होटल एंड रेजिडेंस और बुर्ज खलीफा में मौजूद फ्लैट और लग्जरी अपार्टमेंट शामिल हैं। इसके अलावा कई आलीशान विला भी अटैच किए गए हैं।

ईडी का कहना है कि ये संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और उनके सहयोगियों से जुड़ी हुई हैं। जांच में सामने आया है कि इन संपत्तियों को अलग-अलग कंपनियों और फर्जी नामों के जरिए संचालित किया जा रहा था।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों को हवाला और अन्य माध्यमों से विदेश भेजा गया और फिर दुबई समेत कई जगहों पर महंगी संपत्तियों में निवेश किया गया।

ईडी के मुताबिक महादेव ऐप एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था, जो अलग-अलग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था। यह पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित था, जिसके जरिए देशभर में इसका नेटवर्क फैलाया गया।

इस मामले में अब तक ईडी 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है, कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बड़ी संख्या में आरोपियों की पहचान की गई है। अब तक हजारों करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच या जब्त की जा चुकी हैं।

यह मामला देश के सबसे बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटालों में से एक माना जा रहा है और जांच एजेंसियां लगातार इसके तार खंगाल रही हैं। आने वाले समय में इस केस में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।