नई दिल्ली: ईरान (Iran) में चल रहे युद्ध जैसे हालात के बीच फंसे 70 से ज्यादा भारतीय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। ये छात्र आर्मेनिया (Armenia) के रास्ते भारत लौट रहे हैं और रविवार सुबह दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। यह जानकारी जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA – Jammu and Kashmir Students Association) ने दी।
अधिकांश छात्र जम्मू-कश्मीर के हैं और ईरान के विभिन्न मेडिकल विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे थे। इनमें उर्मिया यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज के छात्र भी शामिल हैं। युद्ध और सुरक्षा स्थिति बिगड़ने के बाद इन छात्रों को पहले ईरान के अलग-अलग शहरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और फिर बस के जरिए लंबी यात्रा कर आर्मेनिया ले जाया गया।
छात्रों का पहला चरण का सफर 14 मार्च को आर्मेनिया की राजधानी येरेवन के ज़्वार्टनॉट्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Zvartnots International Airport) से शुरू हुआ। वे फ्लाईदुबई की फ्लाइट से दुबई पहुंचे और वहां से दूसरी कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर रविवार सुबह लगभग 9:55 बजे नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुहामी ने बताया कि छात्रों को सुरक्षित निकालने के लिए विदेश मंत्रालय, तेहरान में भारतीय दूतावास और येरेवन स्थित भारतीय मिशन के साथ लगातार समन्वय किया गया। छात्रों के अनुरोध के बाद आर्मेनिया के रास्ते वापसी की व्यवस्था की गई।
विदेश मंत्रालय ने ईरान में मौजूद अन्य भारतीय छात्रों और नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और कहा है कि सुरक्षा कारणों से वे सोशल मीडिया पर अपनी सटीक लोकेशन या निजी जानकारी साझा न करें। वहीं सरकार अभी भी ईरान में फंसे अन्य भारतीयों को सुरक्षित निकालने के प्रयास कर रही है।
