कोलकाता, पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा झटका लगा है, जहां पार्टी के 35 मंत्रियों (Ministers) में से 22 मंत्री चुनाव हार गए। यह कुल कैबिनेट (Cabinet) का करीब 63 प्रतिशत है, जो सीधे तौर पर पार्टी नेतृत्व (Leadership) पर जनता के असंतोष को दिखाता है। इस चुनाव में मुख्यमंत्री (Chief Minister) ममता बनर्जी भी अपनी ही सीट भवानीपुर से हार गईं, जो पार्टी के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक नुकसान माना जा रहा है।
राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 294 में से 207 सीटें जीत लीं, जबकि टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई। इस नतीजे के साथ ही बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनने जा रही है और करीब 15 साल से सत्ता में रही टीएमसी का मजबूत किला ढह गया।
चुनाव में हारने वाले मंत्रियों में ममता बनर्जी के अलावा कई बड़े नाम शामिल हैं। आवास और बिजली मंत्री अरूप बिस्वास, शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु, वित्त और पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रहीं चंद्रिमा भट्टाचार्य, उद्योग और महिला एवं बाल विकास मंत्री शशि पांजा और अग्निशमन मंत्री सुजीत बोस जैसे प्रमुख नेता अपनी-अपनी सीट नहीं बचा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह नतीजा सिर्फ उम्मीदवारों की हार नहीं, बल्कि टीएमसी के पूरे नेतृत्व ढांचे को जनता द्वारा नकारे जाने का संकेत है। राज्य में भाजपा के पक्ष में चली लहर (Wave) और बदलाव की मांग ने इस चुनाव को पूरी तरह पलट दिया।