ठेकेदारों को राशि का भुगतान करने के लिए सरपंचों पर दबाव डाला जा रहा है। उन्हें काम पूरा होने का प्रमाणीकरण देने को मजबूर किया जा रहा है।
राज्य का विधानसभा सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो रहा है और इस सत्र के गहमागहमी वाले रहने के आसार हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में संसद भवन में हुई घटना के मद्देनजर प्रमुख सचिव ने सभी संबंधितों को विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था के संबंध में विशेष इंतजाम किए जाने के आवश्यक निर्देश दिए हैं।
राज्य के 230 विधानसभा क्षेत्रों में से 62 सीमांत सीटें हैं, जहां सत्ता समर्थक और सत्ता विरोधी कारक दो संभावनाओं को जन्म देते हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो सीहोर जिले के अपने गृह नगर बुधनी से चुनाव लड़ रहे हैं, ने अपनी पत्नी साधना सिंह और बेटे कार्तिकेय चौहान के साथ वोट डाला।
रीवा जिले का यह जोड़ा बमुश्किल दो महीने पहले भाजपा में शामिल हुआ था - 2018 के विधानसभा चुनावों से पहले भगवा पार्टी छोड़ने और कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के बाद उन्होंने "घर-वापसी" की।
कांग्रेस ने पहली सूची जारी की है जिसमें 144 विधानसभा क्षेत्र के लिए उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए गए हैं।
राज्य की सियासत में कांग्रेस गुटबाजी के कारण चर्चा में हुआ करती थी, मगर अब स्थितियां बदली हुई हैं। कांग्रेस पूरी तरह कमलनाथ के छाते के नीचे एकजुट खड़ी नजर आ रही है तो वही पार्टी की एकजुटता के लिए सभी नेता सक्रिय हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र (budget session) के पांचवें दिन भी खूब हंगामा हुआ और कांग्रेस तथा भाजपा के विधायकों के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई।
मध्यप्रदेश में विधानसभा (MP Assembly) के इसी साल होने वाले चुनाव कड़े मुकाबले के साथ रोचक भी रहेंगे।