बैठक में तय हुआ की राज्य के सभी नगरीय निकाय क्षेत्रों में वार्ड कांग्रेस कमेटी और ग्राम पंचायत स्तर पर ग्राम पंचायत कांग्रेस कमेटी का गठन किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य में बीते कुछ दिनों में नशीली वस्तुओं की आपूर्ति के बड़े खुलासे हुए हैं। कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। इसके बावजूद नशीली वस्तुओं की आपूर्ति के मामले सामने आ रहे हैं।
दो दिन पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी में 177 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। इस सूची में शामिल नेताओं को लेकर पार्टी के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे थे।
भाजपा की ओर से बुधनी विधानसभा में मैदान में उतारे गए रमाकांत भार्गव विदिशा संसदीय क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं, जबकि विजयपुर के उम्मीदवार रामनिवास रावत कांग्रेस के छह बार विधायक रहे हैं।
पार्टी की ओर से खुले तौर पर कांग्रेस को एक बार फिर सनातन विरोधी करार दिया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस बचाव की मुद्रा में है और इस बयान को कई साल पुराना बता रही है।
'वन नेशन, वन इलेक्शन' को लेकर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में गठित समिति ने 14 मार्च 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। समिति का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था।
अब कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ अमीनुल सूरी ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कांग्रेस से जुड़े लोगों का कहना है कि पार्टी के भीतर अब भी गुटबाजी खत्म नहीं हुई है।
कर्ज में डूबी मध्य प्रदेश सरकार की हालत यह हो चुकी है कि अब इन्हें कर्ज का ब्याज चुकाने के लिए भी कर्ज लेना पड़ता है। यह गलत आर्थिक नीतियों और अपरिपक्व निर्णयों की देन है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य की गिरती रैंकिंग को लेकर सोमवार को एक्स पर लिखा, "क्या मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश को हर मोर्चे पर सबसे पीछे करने की कसम खा ली है?"
राज्य में लोकसभा की 29 सीटें हैं इनमें से कांग्रेस को 28 सीटों पर उम्मीदवार तय करने हैं और एक सीट आपसी समझौते के चलते समाजवादी पार्टी के खाते में गई है।