जानकारी के मुताबिक यह विमान संयुक्त अरब अमीरात के अल धफरा एयरबेस से उड़ा था और खाड़ी क्षेत्र में ऑपरेशन के दौरान था।
हालांकि इस प्रस्ताव की विस्तृत शर्तों का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन इसे एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, किंग चार्ल्स के न्यूयॉर्क दौरे से पहले मामदानी ने कहा था कि यदि उन्हें मौका मिला तो वह कोहिनूर हीरे को भारत वापस करने की मांग उठाएंगे।
राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि अगर बातचीत में प्रगति नहीं हुई तो अमेरिका ईरान के खिलाफ और आक्रामक रुख अपना सकता है।
घटना के बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि आरोपी अकेले ही इस हमले को अंजाम देने आया था।
सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका चाहता था कि दोनों देशों के बीच सीधा संवाद हो, जबकि ईरान ने स्पष्ट किया था कि वह केवल पाकिस्तान के माध्यम से अप्रत्यक्ष बातचीत के लिए तैयार है।
इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया की नजर टिकी हुई है क्योंकि यह वार्ता मध्य पूर्व के हालात, तेल आपूर्ति और वैश्विक सुरक्षा पर बड़ा असर डाल सकती है।
बताया गया है कि जिन जहाजों को निशाना बनाया गया उनमें ‘एपामिनोंडस’, ‘एमएससी फ्रांसेस्का’ और ‘यूफोरिया’ शामिल हैं। इनमें से एक जहाज भारत के गुजरात की ओर जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता करीब 7.5 से 7.7 के बीच दर्ज की गई और इसका केंद्र समुद्र के भीतर उत्तरी जापान के तट के पास था।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास हुई, जहां अमेरिकी नौसेना पहले से सतर्क निगरानी कर रही थी।