गौतम गंभीर पर पक्षपात के आरोप, आयुष बादोनी के चयन से फिर उठा टीम इंडिया की चयन नीति पर सवाल
By : hashtagu, Last Updated : January 13, 2026 | 3:11 pm
Team India Selection: भारतीय क्रिकेट (Team India) में एक बार फिर चयन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान आयुष बादोनी (Ayush Badoni) को भारतीय टीम में शामिल किए जाने के बाद हेड कोच गौतम गंभीर पर पक्षपात के आरोप लगने लगे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब चोट के कारण वॉशिंगटन सुंदर को सीरीज के बाकी मैचों से बाहर होना पड़ा और उनकी जगह बादोनी को पहली बार भारत की वनडे टीम में मौका दिया गया। इस फैसले से क्रिकेट प्रशंसक हैरान रह गए और सोशल मीडिया पर जमकर नाराज़गी देखने को मिली।
क्रिकेट फैंस और कई पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि वॉशिंगटन सुंदर जैसे अनुभवी ऑल-राउंडर की जगह आयुष बादोनी का चयन समझ से परे है। बादोनी का घरेलू क्रिकेट और लिस्ट-ए रिकॉर्ड बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है, ऐसे में उनके चयन को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक माना जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि टीम में ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए जो लगातार प्रदर्शन के दम पर चयन का दावा पेश करें।
इस पूरे मामले में विवाद इसलिए भी गहरा गया क्योंकि आयुष बादोनी और गौतम गंभीर के बीच पुराना संबंध रहा है। गंभीर आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स से जुड़े रहे हैं और बादोनी उसी टीम का हिस्सा रहे हैं। इसी वजह से सोशल मीडिया पर यह आरोप तेज हो गए कि गंभीर अपने करीबी या पसंदीदा खिलाड़ियों को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि दूसरे योग्य खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर क्रिकेट प्रेमियों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। कई यूजर्स ने लिखा कि टीम इंडिया में चयन अब प्रदर्शन से ज्यादा संपर्क और पसंद-नापसंद पर आधारित होता जा रहा है। कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने भी अप्रत्यक्ष रूप से संकेत दिए कि चयन में निरंतरता और स्पष्ट सोच की कमी नजर आ रही है, जो लंबे समय में टीम के संतुलन के लिए नुकसानदायक हो सकती है।
हालांकि टीम प्रबंधन की ओर से यह दलील दी जा सकती है कि चोट के बाद टीम संयोजन को संतुलित रखने के लिए यह फैसला लिया गया, लेकिन फैंस इस तर्क से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिख रहे हैं। उनके अनुसार भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और चयन हमेशा प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत पसंद पर।
अब सबकी नजरें आयुष बादोनी के प्रदर्शन पर टिकी होंगी। अगर वह मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो शायद आलोचनाओं को शांत कर सकें, लेकिन अगर वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतरते हैं तो यह चयन विवाद और भी गहराने की पूरी संभावना है। साथ ही यह मामला भविष्य में टीम इंडिया की चयन नीति और कोच गौतम गंभीर की भूमिका पर बहस को और तेज कर सकता है।




