550 करोड़ के CGMSC मेडिकल डिवाइस घोटाले में ACB ने 3 गिरफ्तार, कोर्ट ने 27 जनवरी तक रिमांड पर भेजा

By : hashtagu, Last Updated : January 19, 2026 | 8:23 pm

रायपुर:  छत्तीसगढ़ में सामने आए करीब 550 करोड़ रुपये के CGMSC मेडिकल डिवाइस और रिएजेंट घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घोटाला राज्य सरकार की हमर लैब योजना से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मेडिकल उपकरणों की खरीदी में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं।

ACB ने पंचकूला की कंपनी रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अभिषेक कौशल, रायपुर की शारदा इंडस्ट्रीज के मालिक राकेश जैन और रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स के लाईजन अधिकारी प्रिंस जैन को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि प्रिंस जैन का संबंध पहले से गिरफ्तार मोक्षित कॉर्पोरेशन के आरोपी शशांक चोपड़ा से है।

जांच एजेंसी के मुताबिक हमर लैब योजना के तहत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, एफआरयू और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जारी टेंडरों में कार्टेल बनाकर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि कंपनियों ने आपस में सांठगांठ कर एक ही पैटर्न में निविदाएं भरीं और मोक्षित कॉर्पोरेशन को फायदा पहुंचाने के लिए बाजार कीमत से कई गुना ज्यादा दरों पर मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की सप्लाई की। इससे राज्य सरकार को करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

ACB ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। तीनों आरोपियों को विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें 27 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। ACB का कहना है कि मामले की जांच जारी है और घोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।