77वें गणतंत्र दिवस पर भारत ने दिखाई सैन्य ताकत, कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर और मिसाइलों का भव्य प्रदर्शन
By : ira saxena, Last Updated : January 26, 2026 | 1:44 pm
By : ira saxena, Last Updated : January 26, 2026 | 1:44 pm
नई दिल्ली: भारत ने सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day) पूरे देश में उत्साह और गर्व के साथ मनाया। राजधानी नई दिल्ली के कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सांस्कृतिक विविधता, आर्थिक प्रगति और सैन्य शक्ति (Military Might) का भव्य प्रदर्शन किया गया। परेड में मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, नए सैन्य दस्तों और ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) में इस्तेमाल किए गए घातक हथियारों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सलामी लेने के साथ हुई। राष्ट्रपति पारंपरिक बग्घी (Buggy) में भारतीय राष्ट्रपति अंगरक्षकों के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं।
इस वर्ष के समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (Antonio Costa) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिससे यह आयोजन कूटनीतिक (Diplomatic) दृष्टि से भी खास बन गया।
परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सलामी लेने के साथ हुई। राष्ट्रपति पारंपरिक बग्घी (Buggy) में भारतीय राष्ट्रपति अंगरक्षकों के साथ कर्तव्य पथ पहुंचीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री, शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी परेड के साक्षी बने।
इस वर्ष परेड की थीम ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष रही, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। परेड का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने किया, जो दिल्ली एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग हैं।
सेना की झांकी में पहली बार ‘बैटल एरे फॉर्मेट’ (Battle Array Format) दिखाया गया, जिसमें थल सेना के साथ उसका हवाई घटक (Aerial Component) भी शामिल रहा। 61 कैवेलरी, हाई मोबिलिटी रिकॉनिसेंस व्हीकल, ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर (Dhruv ALH), रुद्र (Rudra), टी-90 भीष्म, अर्जुन मेन बैटल टैंक (Main Battle Tank Arjun), अपाचे AH-64E, प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर और BMP-II इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल परेड का हिस्सा बने।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उपयोग किए गए ब्रह्मोस (BrahMos), आकाश (Akash), सूर्यास्त्र (Suryastra) रॉकेट लॉन्चर और S-400 जैसी प्रणालियों को एक ग्लास-केस्ड इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर के जरिए दर्शाया गया। DRDO ने हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल LR-AShM का प्रदर्शन किया, जो स्थिर और गतिशील लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है।
भारतीय नौसेना की झांकी ‘सशक्त नौसेना, सशक्त राष्ट्र’ (Strong Navy for a Strong Nation) थी, जिसमें INS विक्रांत, INS उदयगिरि, प्राचीन समुद्री जहाजों और INSV कौंडिन्य को दर्शाया गया। वायुसेना की परेड के साथ राफेल, सुखोई-30, मिग-29 और जगुआर विमानों की शानदार फ्लाई-पास्ट (Fly Past) हुई, जिसे ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ (Sindoor Formation) नाम दिया गया।
कुल 30 झांकियां परेड में शामिल रहीं, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तथा 13 केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां थीं। इसके साथ ही CRPF और SSB के डेयरडेविल्स (DareDevils) मोटरसाइकिल स्टंट टीम ने दर्शकों का मन मोह लिया।
77वें गणतंत्र दिवस की यह परेड भारत की सैन्य क्षमता, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और एकता में विविधता (Unity in Diversity) का सशक्त संदेश देती नजर आई।