अजित पवार विमान हादसा: ब्लैक बॉक्स से खुलेगा क्रैश की वजह का राज
By : hashtagu, Last Updated : January 29, 2026 | 1:34 pm
नई दिल्ली: अजित पवार से जुड़े विमान हादसे (plane crash) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब ब्लैक बॉक्स (Black Box) जांच का सबसे अहम जरिया माना जा रहा है। विमान दुर्घटना के बाद किसी भी हादसे की असली वजह जानने में ब्लैक बॉक्स की भूमिका निर्णायक होती है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स से मिलने वाला डेटा यह स्पष्ट कर सकता है कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या मौसम से जुड़ी किसी समस्या के कारण हुई।
ब्लैक बॉक्स दरअसल दो प्रमुख हिस्सों से बना होता है। पहला फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (Flight Data Recorder – FDR), जिसमें विमान की गति, ऊंचाई, इंजन की स्थिति और उड़ान से जुड़े तकनीकी आंकड़े रिकॉर्ड रहते हैं। दूसरा कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (Cockpit Voice Recorder – CVR) होता है, जिसमें पायलटों के बीच हुई बातचीत, कंट्रोल रूम से संवाद और अलर्ट की आवाजें दर्ज रहती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले के कुछ मिनटों का डेटा जांच के लिए सबसे अहम होता है। इसी रिकॉर्ड से यह पता चलता है कि पायलट ने आखिरी समय में क्या फैसले लिए, विमान के सिस्टम में कोई खराबी आई या नहीं और मौसम की क्या स्थिति थी।
ब्लैक बॉक्स को बेहद मजबूत बनाया जाता है ताकि वह आग, पानी और तेज दबाव जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित रह सके। आमतौर पर यह 1000 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और गहरे पानी के दबाव को भी सहन कर सकता है, जिससे दुर्घटना के बाद भी डेटा सुरक्षित रहता है।
जांच एजेंसियां ब्लैक बॉक्स के डेटा का विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई, सुरक्षा मानकों में बदलाव और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय तय किए जाते हैं। अजित पवार से जुड़े इस विमान हादसे के मामले में भी अब सभी की नजरें ब्लैक बॉक्स रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे दुर्घटना की असली वजह सामने आ सके।



