राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु 7 फरवरी को करेंगी बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ, जनजातीय संस्कृति का महाकुंभ जगदलपुर में

By : hashtagu, Last Updated : February 6, 2026 | 8:23 pm

रायपुर (छत्तीसगढ़): राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु (Droupadi Murmu) 7 फरवरी 2026 को आदिवासी संस्कृति के महाकुंभ बस्तर पंडुम-2026 (Bastar Pandum 2026) का शुभारंभ करेंगी। संभाग स्तरीय बस्तर पंडुम का आयोजन 9 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। यह तीन दिवसीय जनजातीय एवं लोक सांस्कृतिक उत्सव आदिवासी जीवनशैली (tribal lifestyle), मान्यताओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत (cultural heritage) को सहेजने और प्रदर्शित करने का प्रमुख मंच है।

छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय एवं लोक संस्कृति महोत्सव बस्तर पंडुम-2026 का शुभारंभ समारोह 7 फरवरी को सुबह 11 बजे जगदलपुर में होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमन डेका करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप विशेष रूप से शामिल होंगे।

बस्तर पंडुम जनजातीय कला (tribal art), लोक संस्कृति (folk culture) और स्थानीय परंपराओं से जुड़ा उत्सव है। यह आयोजन जनजातीय समुदाय की पहचान, गौरव और समृद्ध परंपराओं को बढ़ावा देने का कार्य करता है। इस उत्सव के माध्यम से बस्तर अंचल की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की उम्मीद है।

बस्तर अंचल में पंडुम परंपरागत रूप से पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष यह उत्सव और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 12 विधाओं की प्रस्तुति दी जाएगी। युवा कलाकारों द्वारा जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्ययंत्र, पारंपरिक वेशभूषा और आभूषण, पूजा पद्धति, बस्तर शिल्प, जनजातीय चित्रकला का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य और बस्तर की वन औषधियों (forest medicine) के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग और महेश कश्यप, विधायक किरण सिंहदेव, लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, विनायक गोयल, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल, विक्रम मंडावी और जगदलपुर के महापौर संजय पाण्डेय सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल होंगे।