जमानत के बाद ओडिशा के मलकानगिरी में रहेंगे कवासी लखमा, छत्तीसगढ़ बजट सत्र में शामिल होंगे या नहीं?
By : hashtagu, Last Updated : February 6, 2026 | 6:47 pm
By : hashtagu, Last Updated : February 6, 2026 | 6:47 pm
मलकानगिरी (ओडिशा): छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (liquor scam) मामले में लगभग एक साल तक जेल में रहने के बाद जमानत पर रिहा हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा (Kavasi Lakhma) अब ओडिशा के मलकानगिरी जिले में रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उन्हें जमानत देते हुए यह शर्त लगाई है कि वे फिलहाल छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा के भीतर निवास नहीं करेंगे।
कवासी लखमा 4 फरवरी 2026 को रायपुर सेंट्रल जेल से जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को वे अदालत में पेश हुए, जहां उन्होंने न्यायालय को जानकारी दी कि वे अब ओडिशा के मलकानगिरी में निवास करेंगे। जमानत मिलने के बाद यह उनकी पहली कोर्ट पेशी थी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 19 फरवरी 2026 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में तय की गई है।
कवासी लखमा बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता माने जाते हैं। वे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले की कोंटा विधानसभा सीट से छह बार विधायक रह चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्रीय प्रभाव के चलते उनका असर ओडिशा के सीमावर्ती जिले मलकानगिरी में भी माना जाता है। मलकानगिरी और कोंटा विधानसभा क्षेत्र के बीच की दूरी करीब 20 से 25 किलोमीटर है, जिससे सामाजिक और राजनीतिक संपर्क बनाए रखना आसान होता है। इसी वजह से कवासी लखमा ने मलकानगिरी को अस्थायी निवास के लिए चुना है।
सशर्त जमानत के चलते कवासी लखमा फिलहाल छत्तीसगढ़ में नहीं रह सकते, लेकिन उन्होंने आगामी छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र (budget session) में शामिल होने की अनुमति मांगी है। इसके लिए उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को आवेदन सौंपा है और व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपनी बात रखी है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय में निर्णय लेने का अधिकार विधानसभा अध्यक्ष को दिया है कि कवासी लखमा को बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति दी जाए या नहीं। उल्लेखनीय है कि शराब घोटाले के मामले में कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वे लगभग एक वर्ष तक जेल में रहे।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि विधानसभा अध्यक्ष उनके आवेदन पर क्या फैसला लेते हैं और क्या कवासी लखमा बजट सत्र के दौरान सदन में नजर आएंगे या नहीं।