टेक्नोलॉजी को अपना गुलाम न बनने दें, उससे अपनी ताकत बढ़ाएं: छात्रों से बोले पीएम मोदी
By : hashtagu, Last Updated : February 9, 2026 | 12:56 pm
By : hashtagu, Last Updated : February 9, 2026 | 12:56 pm
नई दिल्ली, 09 फरवरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे टेक्नोलॉजी (technology) को अपना गुलाम (slave) न बनने दें, बल्कि इसका इस्तेमाल अपनी क्षमता (potential) और कौशल (skills) बढ़ाने के लिए करें। परीक्षा पे चर्चा (Pariksha Pe Charcha) के दूसरे एपिसोड में छात्रों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज कुछ बच्चों के लिए मोबाइल फोन मालिक (master) बन गए हैं और वे मोबाइल या टेलीविजन (television) के बिना खाना तक नहीं खा पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, “इसका मतलब है कि आप मोबाइल के गुलाम बन गए हैं। आपको पक्का संकल्प (resolve) लेना होगा कि आप टेक्नोलॉजी को खुद पर हावी (enslave) नहीं होने देंगे।” यह बातचीत कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और गुजरात के छात्रों के साथ हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से कहा कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) जैसी उभरती तकनीकों से डरना नहीं चाहिए, बल्कि उनका उपयोग अपनी प्रतिभा निखारने और भविष्य की तैयारी के लिए करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सही तरीके से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल छात्रों को आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।
परीक्षाओं को लेकर प्रधानमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों (previous papers) का अभ्यास करें और अच्छी नींद (good sleep) लें। उन्होंने कहा, “अगर तैयारी अच्छी होगी तो तनाव (tension) महसूस नहीं होगा। अच्छी नींद आपको पूरे दिन तरोताजा (cheerful) रखेगी।”
प्रधानमंत्री ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उनके जीवन को आकार देने में उनके शिक्षकों (teachers) और मां की अहम भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि उनके शिक्षक हमेशा उन्हें स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम (exercise) करने पर जोर देते थे।
नेतृत्व (leadership) पर बात करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नेतृत्व का मतलब केवल चुनाव लड़ना नहीं होता। उन्होंने कहा, “नेतृत्व की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप अपने विचार (thoughts) कम से कम दस लोगों तक साफ-साफ पहुंचा सकें।”