लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने का प्रस्ताव: किरेन रिजिजू का सख्त जवाब

By : hashtagu, Last Updated : March 10, 2026 | 7:00 pm

नई दिल्ली, भारत: संसद (Parliament) के बजट सत्र (Budget Session) के दौरान आज लोकसभा (Lok Sabha) में स्पीकर (Speaker) ओम बिरला को हटाने (removal) के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव (no‑confidence motion) पर गर्मागर्मी भरी चर्चा चली, जिसमें केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लड़खड़ाती विपक्षी पंक्तियों (Opposition benches) पर तीखे शब्दों में हमला बोला और कहा कि अगर कोई खुद को Speaker से ऊपर (above Speaker) मानता है तो उसके लिए “कोई इलाज (no cure)” नहीं है। इस जवाब के दौरान रिजिजू ने विपक्ष के नेताओं के बयान और संसदीय नियमों (Constitution and rules of the House) का हवाला भी दिया।

संसद में हुई बहस में रिजिजू ने कहा कि संविधान और सदन के नियम स्पष्ट हैं और किसी भी सदस्य को बोलने के लिए अध्यक्ष की अनुमति लेनी होती है। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि बिना अनुमति के अगर कोई खुद को Speaker से ऊपर समझता है तो इसके लिए इलाज नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि नियम 115 (A) के तहत हर सदस्य को बोलने का मौका मिलता है और स्पीकर किसी भी सदस्य को बोलने का अवसर दे सकते हैं।

विपक्ष ने ओम बिरला पर पक्षपात (bias) का आरोप लगाया है और कहा कि उन्होंने विपक्ष के सदस्यों, विशेषकर नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition) को बोलने से रोका। इसके जवाब में सरकार के नेताओं का कहना है कि नियमों का पालन नहीं होने पर बहस के दौरान कटौती आवश्यक होती है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि नियमों का पालन न करने पर लड़खड़ाहट होती है और इसलिए व्यवधान हुआ।

आज सदन में प्रस्ताव को 10 घंटे के लिए बहस के लिए मंजूरी दी गई और बहस जारी है, जिसमें विपक्षी और सत्तारुढ़ दोनों तरफ़ के सांसद भाग ले रहे हैं और संसदीय प्रक्रिया पर तीखी बहस हो रही है।