भारतमाला हाईवे मुआवजा घोटाला: ED की छापेमारी में 66 लाख कैश और 37 किलो चांदी बरामद, कई राज उजागर

By : hashtagu, Last Updated : April 29, 2026 | 11:36 am

रायपुर (छत्तीसगढ़): भारतमाला परियोजना (Bharatmala Project) के तहत बन रहे रायपुर–विशाखापत्तनम हाईवे (Raipur-Visakhapatnam Highway) में मुआवजा (compensation) घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate – ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई ठिकानों पर छापेमारी (raid) की। इस दौरान करीब 66.9 लाख रुपये नकद (cash), 37.13 किलो चांदी (silver) की ईंटें और अन्य सामान, डिजिटल डिवाइस (digital devices) और कई अहम दस्तावेज (documents) बरामद किए गए।

ED ने रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरूद में कुल 8 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला जमीन अधिग्रहण के बदले दिए जाने वाले मुआवजे में गड़बड़ी से जुड़ा है। इस केस की जांच ACB और EOW रायपुर द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी, जिसमें अभनपुर के तत्कालीन एसडीओ (राजस्व) निर्भय साहू और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है।

जांच में सामने आया कि सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की मिलीभगत से जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर कर अवैध तरीके से ज्यादा मुआवजा हासिल किया गया। आरोप है कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से नोटिफिकेशन जारी होने के बाद भी जमीन के मालिकाना हक में बदलाव किया गया, जो नियमों के खिलाफ है।

इसके अलावा, नोटिफिकेशन से पहले जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दिया गया ताकि ज्यादा लोगों के नाम पर मुआवजा लिया जा सके और कुल राशि बढ़ाई जा सके। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी और बदले हुए खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा पास कर उसे जारी किया गया।

ED के मुताबिक, इस तरह कागजों में हेरफेर कर मुआवजे की राशि को अवैध रूप से बढ़ाया गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों को गैरकानूनी फायदा मिला। एजेंसी का कहना है कि यह अतिरिक्त मुआवजा ही अपराध से अर्जित संपत्ति के दायरे में आता है और मामले में आगे की जांच जारी है।