दुग्ध उत्पादन पर विधानसभा में गरमाई बहस: अजय चंद्राकर बोले– आत्मनिर्भर नहीं प्रदेश, भूपेश बघेल का पलटवार

By : hashtagu, Last Updated : March 13, 2026 | 1:24 pm

रायपुर, छत्तीसगढ़: विधानसभा बजट सत्र (Vidhan Sabha) के प्रश्नकाल में गौवंश, कृत्रिम गर्भाधान और दुग्ध उत्पादन को लेकर जोरदार बहस हुई। सदन में मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, प्रजनन नीति (breeding policy), कृत्रिम गर्भाधान (artificial insemination), दुग्ध उत्पादन (milk production) और टीकाकरण (vaccination) व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में मादा गौवंशीय पशुओं की संख्या, उनके गर्भाधान की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं की स्थिति पर सरकार से जवाब मांगा।

अजय चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर नहीं है और इस क्षेत्र की स्थिति काफी दयनीय है। उन्होंने सरकार से पूछा कि जब प्रदेश में लगभग 53 लाख मादा गौवंशीय पशु हैं तो उनके गर्भाधान, पशु प्रजनन नीति और टीकाकरण की क्या व्यवस्था की गई है। इसके जवाब में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि पूरे प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान के लिए उपकेंद्र और पशु औषधालय संचालित हैं और बेहतर नस्ल विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर राष्ट्रीय औसत के बराबर लाया जा सके।

चंद्राकर ने आगे सवाल किया कि प्रदेश में 1585 संस्थाएं जो इस क्षेत्र में काम कर रही हैं, वे सरकारी हैं या गैर-सरकारी और 412 नए केंद्र कब खोले जाएंगे। मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि बछिया उत्पादन बढ़ाने के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन का उपयोग किया जा रहा है और राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें निजी क्षेत्र की भागीदारी भी ली जा रही है।

चंद्राकर ने एक साल में पशुओं के गर्भाधान के लक्ष्य और अब तक किए गए गर्भाधान की संख्या भी पूछी। इस पर मंत्री ने कहा कि इसकी विस्तृत जानकारी अलग से उपलब्ध कराई जाएगी। इसी दौरान चिराग परियोजना को लेकर भी सवाल उठे। चंद्राकर ने पूछा कि 183 करोड़ रुपए की चिराग परियोजना समय से पहले क्यों बंद हो गई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि परियोजना की प्रगति अपेक्षित नहीं होने के कारण भारत सरकार ने समीक्षा के बाद नोटिस देकर इसे बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर आवश्यक अनुशंसा भेजी जाएगी।

सदन में विपक्ष के नेता चरणदास महंत ने भी सवाल उठाया कि क्या 53 लाख मादा गौवंश की संख्या में गांवों की बछिया भी शामिल हैं और उनके लिए सरकार की क्या योजना है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिराग परियोजना की राशि और 2024-25 में सरकार द्वारा किए गए कार्यों पर सवाल उठाए। इस दौरान बघेल ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार आपकी है, लेकिन काम आप नहीं कर पा रहे हैं और आरोप हम पर लगा रहे हैं।

रामविचार नेताम ने जवाब में बताया कि चिराग परियोजना की कुल राशि में से केवल 1 प्रतिशत का ही उपयोग हो पाया था। उन्होंने कहा कि 18 मार्च 2025 को राज्य शासन को इसकी सूचना दी गई थी और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास जारी हैं। विधानसभा में इस दौरान कुल 77 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लगाए गए, जिनमें कानून-व्यवस्था, किसानों और पशुपालकों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल रहे।