संसद में LPG संकट और कीमतों पर हंगामा: विपक्ष का प्रदर्शन, सरकार बोली– देश में ईंधन की कोई कमी नहीं

By : hashtagu, Last Updated : March 13, 2026 | 1:32 pm

नई दिल्ली: संसद (Parliament) के बजट सत्र के दूसरे चरण में रसोई गैस यानी एलपीजी को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने एलपीजी गैस (LPG gas), ईंधन संकट (fuel crisis), गैस सिलेंडर की कमी (gas cylinder shortage) और बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने साफ कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।

संसद परिसर में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के सांसदों ने एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी और कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन किया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को उठाया और देश की ऊर्जा सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। विपक्षी सांसदों ने सरकार से गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा।

संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर काफी हंगामा हुआ। तृणमूल कांग्रेस के कुछ सांसद एलपीजी संकट के विरोध में थाली, कड़ाही और चम्मच लेकर सदन में पहुंचे और बर्तन बजाकर विरोध दर्ज कराया। विपक्ष का कहना है कि कई जगह लोगों को गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है और आम लोगों को परेशानी हो रही है।

इस पूरे विवाद पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल या केरोसिन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने कहा कि सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए एलपीजी उत्पादन बढ़ाया है और देश में रसोई गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

मंत्री ने यह भी बताया कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भारत ने गैस और कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई देशों से आयात के विकल्प बढ़ाए हैं और रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि संकट को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से बचना चाहिए और देश की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है।

वहीं विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है और सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहा है। संसद के बजट सत्र के दौरान यह मुद्दा राजनीतिक टकराव का बड़ा कारण बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और तीखी बहस होने की संभावना है।