भाजपा विधायक ने गोवंश संरक्षण और चिराग योजना पर सरकार से किया तीखा सवाल, विपक्ष ने भी किया हमला
By : hashtagu, Last Updated : March 13, 2026 | 3:27 pm
By : hashtagu, Last Updated : March 13, 2026 | 3:27 pm
रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में गोवंश संरक्षण और चिराग योजना को लेकर जोरदार बहस हुई। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मादा गोवंश की संख्या, उनके गर्भाधान और टीकाकरण नीति पर सरकार से तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मादा गोवंश की संख्या 53 लाख बताई जाती है, लेकिन उनके गर्भाधान के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं है। इसके साथ ही 1585 संस्थानों के सरकारी या गैर-सरकारी होने के बारे में भी उन्होंने जवाब मांगा। चंद्राकर ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में प्रदेश आत्मनिर्भर नहीं है और ऐसे में गोवंशीय पशुओं के प्रबंधन में पारदर्शिता जरूरी है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जवाब देते हुए बताया कि प्रदेश में कृत्रिम गर्भाधान केंद्र, उपकेंद्र और उप ग्राम पशु चिकित्सालयों में पर्याप्त व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि बछिया प्रजनन को बढ़ावा दिया जा रहा है और नस्ल सुधार कार्यक्रम के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान को गति दी जा रही है। मंत्री ने यह भी बताया कि 1 करोड़ 10 लाख 1228 में से 33 हजार गर्भाधान का लक्ष्य पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत है और व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।
वहीं चिराग योजना के समय से पहले बंद होने को लेकर विधायक अजय चंद्राकर ने सरकार से सवाल किया कि योजना बंद क्यों हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। इस मुद्दे पर विपक्ष के नेता चरणदास महंत और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर हमला किया। महंत ने पूछा कि क्या गांवों की बछियों का संरक्षण किया गया और उन्हें दुग्ध उत्पादन में शामिल करने के लिए कोई योजना बनाई गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जानना चाहा कि योजना के पैसों का समर्पण कब किया गया।
सदन में इस मुद्दे ने किसानों और पशुपालकों के लिए योजनाओं की पारदर्शिता और राज्य में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों पर गहरी बहस छेड़ दी।