रायपुर IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़: इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी मास्टरमाइंड, करोड़ों का नेटवर्क उजागर

By : hashtagu, Last Updated : April 17, 2026 | 2:13 pm

रायपुर, छत्तीसगढ़: राजधानी रायपुर में ऑनलाइन सट्टा (online betting) के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस मामले में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बाबू खेमानी को इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह “3 स्टम्प्स” (3 STUMPS) नाम के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आईपीएल (IPL betting) मैचों पर अवैध सट्टा चला रहा था और इसमें करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

पुलिस के अनुसार, यह सट्टा नेटवर्क बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और इसका संचालन केवल रायपुर तक सीमित नहीं था। इसका जाल पुणे, मुंबई और गोवा जैसे बड़े शहरों तक फैला हुआ था। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क को देश के बाहर से भी ऑपरेट किया जा सकता है।

जांच में यह सामने आया है कि “3 स्टम्प्स” एक हाईटेक ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म था, जिसमें पैनल सिस्टम के जरिए काम होता था। इसमें अलग-अलग लेवल के एजेंट और ऑपरेटर जुड़े होते थे, जो नए लोगों को जोड़कर उन्हें लाइव मैच के दौरान बेटिंग कराने के लिए प्रेरित करते थे। इस सिस्टम की वजह से पैसों के लेन-देन को ट्रैक करना बेहद मुश्किल हो जाता था।

पुलिस ने यह भी बताया कि इस नेटवर्क में डिजिटल पेमेंट, यूपीआई और कई बैंक खातों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पैसों को छुपाने के लिए म्यूल अकाउंट्स का उपयोग किया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों को ट्रांजैक्शन ट्रेस करने में कठिनाई होती थी।

बाबू खेमानी, जो सोशल मीडिया पर एक इन्फ्लुएंसर के रूप में सक्रिय था, उस पर आरोप है कि उसने अपने इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल इस सट्टा नेटवर्क को प्रमोट करने के लिए किया। छोटे वीडियो और पोस्ट के जरिए युवाओं को “आसान कमाई” का लालच देकर इस रैकेट से जोड़ा जाता था।

इसके अलावा व्हाट्सऐप और टेलीग्राम ग्रुप्स के जरिए भी यूजर्स को जोड़ा जाता था, जहां मैच से जुड़े रेट, अपडेट और पेमेंट की जानकारी साझा की जाती थी। इस डिजिटल नेटवर्क के कारण यह गिरोह तेजी से फैलता गया और बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ते गए।

पुलिस ने हाल ही में इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिया है और पूछताछ जारी है। साइबर क्राइम टीम इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और बैंक खातों, सर्वर, डोमेन और डिजिटल सबूतों को खंगाला जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला इस बात का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है कि कैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया का इस्तेमाल अब अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क फैलाने के लिए किया जा रहा है।