IPL पर सवाल उठाने वालों पर भड़के सुनील गावस्कर, बोले- भारतीय क्रिकेट से कमाते हैं, फिर भी करते हैं आलोचना
By : hashtagu, Last Updated : June 10, 2026 | 5:08 pm
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने आईपीएल और भारतीय क्रिकेट की आलोचना करने वालों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट और बीसीसीआई की आलोचना करना कुछ लोगों की आदत बन गई है, जबकि वही लोग भारतीय क्रिकेट से होने वाली कमाई का फायदा भी उठाते हैं।
आईपीएल 2026 के दौरान और उसके बाद फ्रेंचाइजी क्रिकेट को लेकर बहस तेज हो गई है। खासतौर पर इंग्लैंड में कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने इस बात पर चिंता जताई कि खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तुलना में फ्रेंचाइजी लीग को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब Jofra Archer ने आईपीएल प्लेऑफ में अपनी टीम Rajasthan Royals के साथ बने रहने का फैसला किया और इंग्लैंड-न्यूजीलैंड टेस्ट मैच से बाहर रहे।
इसके अलावा पूर्व इंग्लैंड कप्तान Alastair Cook ने युवा खिलाड़ी जैकब बेथेल के काउंटी क्रिकेट छोड़कर आईपीएल में रहने पर सवाल उठाए थे। वहीं Michael Atherton और Simon Doull जैसे पूर्व खिलाड़ियों ने भी आर्चर के फैसले पर टिप्पणी की थी।
इन आलोचनाओं का जवाब देते हुए गावस्कर ने कहा कि भारतीय क्रिकेट और भारतीय प्रशंसकों की वजह से दुनिया भर के क्रिकेट बोर्डों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि जब राजस्व की बात आती है तो सभी को बीसीसीआई की ओर देखना पड़ता है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट और भारतीय दर्शक ही उनकी कमाई का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
गावस्कर ने यह भी कहा कि कई लोग आईपीएल के दौरान अपने खिलाड़ियों की उपलब्धता को लेकर शिकायत करते हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि उनके क्रिकेट बोर्डों को आईपीएल में खेलने वाले विदेशी खिलाड़ियों की फीस का हिस्सा भी मिलता है। उन्होंने दावा किया कि इससे कई बोर्डों को हर साल लाखों पाउंड की आय होती है।
पूर्व भारतीय कप्तान ने सवाल उठाया कि क्या इंग्लैंड की लीग ‘द हंड्रेड’ या ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग विदेशी खिलाड़ियों के बोर्डों को ऐसा कोई हिस्सा देती है। उन्होंने कहा कि केवल आईपीएल ही यह व्यवस्था करता है, इसके बावजूद बीसीसीआई और भारतीय क्रिकेट की आलोचना लगातार जारी रहती है।
गावस्कर ने आलोचकों को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट को नीचे दिखाने की कोशिशें लगातार होती रहती हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि भारतीय क्रिकेट वैश्विक क्रिकेट का सबसे मजबूत आर्थिक और व्यावसायिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय क्रिकेट आगे भी मजबूती से कायम रहेगा और आलोचनाओं से उस पर कोई असर नहीं पड़ेगा।




