भारतमाला घोटाले की जांच तेज: धमतरी में ठेकेदार दीपेश गांधी के ठिकानों पर EOW की रेड, दस्तावेज खंगाले
By : hashtagu, Last Updated : June 16, 2026 | 3:33 pm
धमतरी। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला मुआवजा घोटाले (Bharatmala Compensation Scam) की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने मंगलवार को धमतरी में ठेकेदार दीपेश गांधी के निवास और कार्यालय पर छापेमार कार्रवाई (Raid) की। सुबह से शुरू हुई इस कार्रवाई में अधिकारियों की टीम ने जमीन अधिग्रहण, मुआवजा वितरण और वित्तीय लेनदेन (Financial Transactions) से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की।
#WATCH | Raipur, Chhattisgarh: The Central agency conducted a raid at the residential premises of businessman Shaswat Lunavat, in an alleged connection to the District Mineral Foundation (DMF) scam. pic.twitter.com/BYIvc7bALL
— ANI (@ANI) June 16, 2026
जानकारी के अनुसार, दो वाहनों में पहुंचे करीब एक दर्जन अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक साथ दीपेश गांधी के घर और कार्यालय में दस्तावेजों की पड़ताल शुरू की। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भारतमाला परियोजना के तहत जमीन अधिग्रहण और मुआवजा वितरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता तो नहीं हुई। इसके लिए विभिन्न रिकॉर्ड, फाइलों और वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
गौरतलब है कि करीब एक माह पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इसी मामले में धमतरी और कुरूद क्षेत्र में गांधी परिवार से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस दौरान जांच एजेंसी ने सोने-चांदी के आभूषण, वाहन और जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। भारतमाला परियोजना से जुड़े कथित मुआवजा घोटाले को लेकर जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
इस मामले में जय प्रकाश गांधी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। जांच एजेंसियां कथित आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और मुआवजा वितरण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक मामले से जुड़े कई अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
बताया जा रहा है कि भारतमाला मुआवजा घोटाले की जांच अब कई स्तरों तक पहुंच चुकी है और एजेंसियां जमीन खरीद-बिक्री, मुआवजा वितरण तथा उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। जांच के दायरे में कुछ प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आने की चर्चा है, हालांकि एजेंसियों की ओर से इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धमतरी में हुई EOW की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर भारतमाला मुआवजा घोटाला सुर्खियों में आ गया है। लगातार हो रही छापेमार कार्रवाइयों से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में मामले में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां दस्तावेजों के सत्यापन और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया में लगी हुई हैं।




