टीएमसी में बड़ी टूट: 20 बागी सांसद एनसीपीआई में शामिल, मोदी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ काम करने का ऐलान

By : hashtagu, Last Updated : June 16, 2026 | 8:10 pm

नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) (TMC) के 20 बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय (Merger) का फैसला करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ मिलकर काम करने का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम को पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा राजनीतिक बदलाव (Political Shift) माना जा रहा है। बागी सांसदों का कहना है कि उन्हें एनसीपीआई से औपचारिक स्वीकृति (Acceptance) मिल चुकी है और अब वे एनडीए के साथ मिलकर आगे की राजनीतिक रणनीति पर काम करेंगे।

बागी सांसदों के समूह की प्रमुख नेता और बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि एनसीपीआई ने सभी असंतुष्ट सांसदों को अपने साथ लेने पर सहमति दे दी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उनके साथ 20 सांसद हैं, लेकिन यह संख्या बढ़कर 22 तक पहुंच सकती है। दस्तीदार ने स्पष्ट किया कि उनका समूह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ काम करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में टीएमसी से अलग हुए सांसदों का पश्चिम बंगाल विधानसभा में अलग गुट बनाकर बैठे बागी विधायकों से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार दोनों समूहों के मुद्दे और राजनीतिक एजेंडा अलग-अलग हैं।

दस्तीदार ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य में सही तरीके से लागू नहीं किया गया। उन्होंने महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा और बाल विवाह जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उनका दावा है कि अब उनका समूह पश्चिम बंगाल के लोगों के हित में सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू कराने की दिशा में काम करेगा।

यह राजनीतिक संकट 14 जून को और गहरा गया था, जब बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र देकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की थी। बागी गुट का दावा है कि टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद उनके साथ हैं। इसके बाद इन सांसदों ने एनसीपीआई में विलय की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि इस मामले में अंतिम फैसला लोकसभा अध्यक्ष को लेना है, जो दोनों पक्षों की दलीलें सुनेंगे।

एनसीपीआई एक अपेक्षाकृत कम चर्चित राजनीतिक दल है, जिसका पंजीकरण वर्ष 2023 में हुआ था। लेकिन टीएमसी के 20 सांसदों के शामिल होने के बाद यह पार्टी अचानक राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में नए समीकरण बन सकते हैं तथा एनडीए को भी राजनीतिक मजबूती मिल सकती है।