लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड: अलीगंज में भीषण आग से कई छात्रों की मौत, जान बचाने के लिए इमारत से कूदे छात्र
By : hashtagu, Last Updated : June 22, 2026 | 8:19 pm
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित एक कोचिंग सेंटर (Coaching Centre) में सोमवार को लगी भीषण आग (Fire) ने बड़ा हादसा पैदा कर दिया। आग लगने के बाद पूरी इमारत धुएं और लपटों से घिर गई, जिससे अंदर मौजूद छात्र-छात्राओं और अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों के हताहत (Casualties) होने की आशंका जताई गई थी, जबकि बाद में मृतकों की संख्या लगातार बढ़ने की खबरें सामने आईं।
जानकारी के अनुसार, अलीगंज इलाके में स्थित एक व्यावसायिक भवन में कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था। दोपहर के समय अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। आग के कारण कई छात्र और कर्मचारी अंदर फंस गए। धुआं तेजी से फैलने के कारण लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों ने पहली मंजिल से छलांग लगा दी। घटनास्थल पर चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल ने इमारत में फंसे लोगों को निकालने के लिए अभियान चलाया। घने धुएं के कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई थी। बाद में विभिन्न रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 11 से बढ़कर 14 और 15 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। अधिकांश मृतक छात्र बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने के बाद इमारत के भीतर धुआं इतनी तेजी से भर गया कि लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। कई लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगाते दिखाई दिए। कुछ लोगों को स्थानीय लोगों और बचावकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी छात्रों को इमारत से कूदकर जान बचाने की कोशिश करते देखा गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया है। आग लगने के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि भवन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त थी या नहीं।



