मोदी सरकार के 12 साल: हेल्थ सेक्टर में बड़ा बदलाव, आयुष्मान भारत से मेडिकल कॉलेजों तक गिनाईं उपलब्धियां
By : hashtagu, Last Updated : July 8, 2026 | 5:55 pm
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के लगातार 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर जारी रिपोर्ट (Report) में दावा किया है कि देश का स्वास्थ्य क्षेत्र (Healthcare Sector) पिछले 12 वर्षों में बड़े बदलाव से गुजरा है। रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य बीमा (Health Insurance) का दायरा बढ़ा है, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर (Medical Infrastructure) में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के जरिए करोड़ों जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। सरकार का दावा है कि यह दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसने गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाई है।
सरकार के अनुसार, बीते 12 वर्षों में देशभर में मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस व पीजी सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे मेडिकल शिक्षा का दायरा बढ़ा है और भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही नए एम्स और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थापना से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
रिपोर्ट में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना का भी उल्लेख किया गया है। सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए लोगों को कम कीमत पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा हृदय स्टेंट और घुटने के प्रत्यारोपण जैसी चिकित्सा सेवाओं की लागत भी कम करने के प्रयास किए गए हैं, जिससे मरीजों का इलाज सस्ता हुआ है।
सरकार ने दावा किया है कि मातृ मृत्यु दर और शिशु स्वास्थ्य से जुड़े कई प्रमुख संकेतकों में सुधार दर्ज किया गया है। टीकाकरण अभियान, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सुलभ, किफायती और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में काम किया गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को आम नागरिक तक आसानी से पहुंचाना है। आने वाले समय में स्वास्थ्य क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने तथा गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर फोकस जारी रहेगा।



