आधार से निकाले फर्जी सिम, फिर KBC लॉटरी और सेक्सटॉर्शन से करोड़ों की ठगी, छत्तीसगढ़ में बड़ा खुलासा

By : hashtagu, Last Updated : July 9, 2026 | 2:51 pm

रायपुर: छत्तीसगढ़ में साइबर अपराध (Cyber Crime) की जांच के दौरान एक बड़े आधार (Aadhaar) और सिम (SIM) घोटाले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने फर्जी KBC लॉटरी (KBC Lottery) और सेक्सटॉर्शन (Sextortion) रैकेट की जांच करते हुए दो अधिकृत सिम विक्रेताओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये ग्राहक के आधार और बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) का दुरुपयोग कर उनकी जानकारी के बिना अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर देते थे। बाद में इन्हें देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।

जांच के अनुसार, ग्राहक जब नया सिम लेने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करते थे, तब आरोपी फिंगरप्रिंट और आई-ब्लिंक ऑथेंटिकेशन का कई बार इस्तेमाल कर उसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक सिम कार्ड जारी कर देते थे। ग्राहक को केवल वही सिम मिलता था जिसकी उसने मांग की थी, जबकि अतिरिक्त सिम उसकी जानकारी के बिना सक्रिय कर दिए जाते थे।

पुलिस के मुताबिक इन फर्जी सिम कार्डों का इस्तेमाल KBC लॉटरी के नाम पर ठगी, व्हाट्सएप फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन और अन्य ऑनलाइन वित्तीय अपराधों में किया जा रहा था। मोबाइल नंबर निर्दोष लोगों के नाम पर होने के कारण जांच एजेंसियों के लिए असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था।

इस रैकेट का खुलासा दो अलग-अलग साइबर ठगी मामलों की जांच के दौरान हुआ। एक मामले में गरियाबंद जिले के एक व्यक्ति से फर्जी निवेश योजना के नाम पर 7.9 लाख रुपये की ठगी की गई थी। दूसरे मामले में KBC लॉटरी जीतने का झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे ऐंठे गए थे। जांच के दौरान दोनों मामलों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों की पड़ताल से पूरा नेटवर्क सामने आया।

पुलिस ने दूरसंचार कंपनियों के एक्टिवेशन रिकॉर्ड, ग्राहक विवरण, तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में दोनों पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंटों ने कथित तौर पर आधार सत्यापन प्रक्रिया का दुरुपयोग कर अवैध सिम जारी करने की बात स्वीकार की। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये सिम खरीदने वाले साइबर अपराधी कौन थे और इस नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। आशंका है कि इसी तरीके से बड़ी संख्या में और भी फर्जी सिम जारी किए गए हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सिम खरीदते समय ई-केवाईसी प्रक्रिया पर नजर रखें, यह सुनिश्चित करें कि केवल एक ही सिम सक्रिय हो रहा है और समय-समय पर अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच करते रहें, ताकि पहचान का दुरुपयोग रोका जा सके।