शेख हसीना का बड़ा ऐलान: दिसंबर में बांग्लादेश लौटेंगी, कहा- गिरफ्तार कर सकते हैं, मार भी सकते हैं
By : hashtagu, Last Updated : July 10, 2026 | 4:53 pm
ढाका: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने ऐलान किया है कि वह दिसंबर के आसपास निर्वासन में रह रहे अवामी लीग के अन्य नेताओं के साथ स्वेच्छा से बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि देश लौटने पर उन्हें गिरफ्तार (Arrest) किया जा सकता है या उनकी हत्या (Kill) भी हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद वह वापस जाएंगी।
78 वर्षीय शेख हसीना ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल होने के बाद वह भारत आ गई थीं। अब वह बांग्लादेश लौटकर अदालत के सामने आत्मसमर्पण (Surrender) करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी वापसी को लेकर ढाका की मौजूदा सरकार से किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है।
शेख हसीना ने कहा, “मेरे लौटने पर वे मुझे गिरफ्तार कर सकते हैं, मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे अपने देश लौटना ही होगा।”
उन्होंने कहा कि उनके दल अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दमन किया जा रहा है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “अगर मेरी मौत होती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरे अपने देश की मिट्टी पर हो, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।”
शेख हसीना का यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (International Crimes Tribunal) ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई है।
यह मामला 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा और प्रदर्शनकारियों की मौत से जुड़ा है। न्यायाधिकरण ने माना कि आंदोलन के दौरान हुई मौतों को रोकने में विफल रहने या कार्रवाई के आदेश देने के लिए शेख हसीना जिम्मेदार थीं।
इसी फैसले में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई गई है, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून को पांच साल की जेल की सजा दी गई है।
न्यायाधिकरण ने शेख हसीना और असदुज्जमान खान कमाल की संपत्तियां जब्त करने का भी आदेश दिया है।


