महादेव ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई, कारोबारी विकास गर्ग की 940.77 करोड़ की संपत्ति अटैच, अब तक 3800 करोड़ की संपत्ति कुर्क
By : hashtagu, Last Updated : July 11, 2026 | 1:18 pm
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बुक (Mahadev Online Book) और स्काईएक्सचेंज (SkyExchange) अवैध बेटिंग (Betting) ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कारोबारी विकास गर्ग, उनके परिजनों और उनसे जुड़ी कंपनियों की 940.77 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क (Provisional Attachment) कर लिया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है। इस कार्रवाई के साथ ही महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी द्वारा अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 3,800 करोड़ रुपए से अधिक हो गया है।
ईडी की रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से की गई इस कार्रवाई में आलीशान मकान, जमीन, कंपनियों के इक्विटी शेयर और अन्य निवेश शामिल हैं। एजेंसी के मुताबिक, यह सभी संपत्तियां महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच के दौरान सामने आई हैं।
ईडी ने बताया कि इस मामले की जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दर्ज एफआईआर के अलावा आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था और इस नेटवर्क के माध्यम से हर महीने 450 करोड़ रुपए से अधिक का अवैध कारोबार किया जा रहा था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसे को फर्जी कंपनियों और कई स्तर के वित्तीय लेन-देन के जरिए वैध दिखाया गया। ईडी के अनुसार, अपराध से अर्जित 940.77 करोड़ रुपए विकास गर्ग के नियंत्रण वाली कंपनियों तक पहुंचाए गए, जिसके बाद इस रकम से शेयर, निवेश और अन्य संपत्तियां खरीदी गईं।
ईडी ने बताया कि इस मामले में यह आठवीं बड़ी कुर्की कार्रवाई है। इससे पहले एजेंसी सात बार संपत्तियां कुर्क कर चुकी है। रायपुर स्थित विशेष पीएमएलए अदालत में इस मामले में कई अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की जा चुकी हैं और अदालत धन शोधन के मामले में संज्ञान ले चुकी है।
इस कार्रवाई से पहले ईडी महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज मामले में करीब 2,825 करोड़ रुपए की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी थी। ताजा कार्रवाई के बाद इस मामले में कुर्क, जब्त और फ्रीज की गई कुल संपत्तियों का मूल्य बढ़कर लगभग 3,800 करोड़ रुपए हो गया है।
ईडी का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच अभी भी जारी है। इसी मामले में रायपुर के इन्फ्लुएंसर और सट्टा सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड बाबू खेमानी को रायपुर पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया था। 17 अप्रैल को उसे फ्लाइट से रायपुर लाया गया। पुलिस ने इस मामले में छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बीएमडब्ल्यू कार समेत करीब 60 लाख रुपए का सामान भी जब्त किया गया है।



