‘ऑपरेशन विजय सिर्फ सैन्य जीत नहीं, साहस और देशभक्ति का स्वर्णिम अध्याय’, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा संदेश
By : hashtagu, Last Updated : July 14, 2026 | 12:39 pm
नई दिल्ली: रक्षा मंत्री (Defence Minister) राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने कहा कि ऑपरेशन विजय (Operation Vijay) केवल एक सैन्य जीत (Military Triumph) नहीं था, बल्कि साहस, धैर्य, अनुशासन और अदम्य देशभक्ति (Patriotism) का ऐसा स्वर्णिम अध्याय है, जिसका अध्ययन आज भी दुनिया की सेनाएं सम्मान के साथ करती हैं। उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘शौर्य विजय यात्रा’ को हरी झंडी दिखाते हुए यह बात कही।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल मोटरसाइकिल अभियान की शुरुआत नहीं है, बल्कि उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने 1999 के कारगिल युद्ध में भारत की आन, बान और शान के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि ‘शौर्य विजय यात्रा’ का नाम ही प्रेरणा का प्रतीक है और इसका संदेश ‘वन राइड, वन नेशन, वन सैल्यूट’ राष्ट्रीय एकता और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना को दर्शाता है।
राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध को याद करते हुए कहा कि करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई, ऑक्सीजन की कमी और शून्य से 40 डिग्री नीचे तापमान जैसी बेहद कठिन परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने असंभव को संभव कर दिखाया। उन्होंने कहा कि जहां प्रकृति ने रास्ते रोक दिए थे, वहां भारतीय जवानों ने अपने अदम्य साहस से इतिहास में नया रास्ता बनाया।
उन्होंने कहा कि कारगिल की विजय केवल एक तारीख तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के उस अटूट संकल्प का प्रतीक है कि देश की भूमि, अस्मिता और सम्मान पर उठने वाली हर नजर का भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। रक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि यह यात्रा विशेष रूप से युवाओं में देशभक्ति की नई चेतना जगाएगी और कारगिल के अमर शहीदों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएगी।
‘शौर्य विजय यात्रा’ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर करीब 1,900 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। 13 दिनों की इस यात्रा का मार्ग चंडीमंदिर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख से होकर गुजरेगा तथा 26 जुलाई को कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर कारगिल विजय दिवस के अवसर पर संपन्न होगी।




