छत्तीसगढ़ विधानसभा में नक्सलवाद पर भावुक हुए मंत्री केदार कश्यप, बोले- बेटी-बहू से रेप करते थे नक्सली; डिप्टी CM का कांग्रेस पर हिड़मा को लेकर बड़ा हमला
By : hashtagu, Last Updated : July 14, 2026 | 6:54 pm
रायपुर (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को अविश्वास प्रस्ताव (No Confidence Motion), नक्सलवाद (Naxalism), वेदांता (Vedanta) प्लांट हादसा (Plant Accident) और किसानों (Farmers) के मुद्दों पर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर विधानसभा के अंतिम दिन 17 जुलाई को चर्चा होगी। प्रश्नकाल के दौरान सक्ती स्थित वेदांता प्लांट हादसे में 25 लोगों की मौत का मामला भी जोरदार तरीके से उठा। कांग्रेस ने उद्योगपति अनिल अग्रवाल की गिरफ्तारी और पूरे मामले की जांच को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया और बाद में वॉकआउट कर दिया।
अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से कहा, “माननीय नेता जी, अविश्वास प्रस्ताव भी दे दिए हो और प्रश्न भी पूछ रहे हैं।” इस पर डॉ. महंत ने जवाब दिया, “अरे यार, आप हमेशा गड़बड़ करते हो… लगता है, दिनभर चढ़ी रहती है आपको। अविश्वास प्रस्ताव किस कारण ला रहे हैं, ये अभी बताने तो दो।”
सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने नक्सलवाद के खात्मे को लेकर केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रस्ताव पेश किया। चर्चा के दौरान वह भावुक हो गए और बोलते-बोलते उनका गला भर आया। इस दौरान सदन में मौजूद डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा उनके पास पहुंचे, उनका हौसला बढ़ाया और ढांढस बंधाया।
केदार कश्यप ने कहा कि नक्सली निर्दयता से लोगों की हत्या करते थे ताकि आने वाली पीढ़ियों तक खौफ बना रहे। उन्होंने कहा कि नक्सली कभी बेटी तो कभी बहू के साथ दुष्कर्म करते थे और सुनियोजित तरीके से दहशत फैलाने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम देते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए मजबूती से लड़ाई लड़ी है।
इस दौरान डिप्टी मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनका रोल मॉडल ही हिड़मा है, वे नक्सलवाद का खात्मा क्या करेंगे।
नक्सलवाद के मुद्दे पर केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रस्ताव सदन में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा में खरीफ सीजन के दौरान किसानों को खाद, उन्नत बीज और बिजली की समस्या को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। विपक्ष ने डीएपी, पोटाश और अन्य उर्वरकों की कमी, कालाबाजारी और किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए स्थगन प्रस्ताव पेश किया।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक सदन के गर्भगृह तक पहुंच गए और हंगामा किया। नियमों के तहत गर्भगृह में पहुंचने के कारण विपक्ष के विधायक स्वतः निलंबित हो गए।
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सदन में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद विधानसभा में लाया गया यह 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। इससे पहले नौ बार अलग-अलग सरकारों के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन हर बार संबंधित सरकार सदन में अपना बहुमत साबित करने में सफल रही। विधानसभा अध्यक्ष ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए 17 जुलाई की तारीख तय की है।




