सेक्स CD कांड में भूपेश बघेल की बढ़ीं मुश्किलें, सेशन कोर्ट ने पलटा CBI कोर्ट का फैसला, सभी आरोपियों पर चलेगा ट्रायल
By : hashtagu, Last Updated : January 25, 2026 | 7:03 am
By : hashtagu, Last Updated : January 25, 2026 | 7:03 am
रायपुर, छत्तीसगढ़ : छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सेक्स CD कांड (Sex CD Scandal) में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कानूनी मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रायपुर सेशन कोर्ट (Sessions Court) ने CBI की लोअर कोर्ट (Lower Court) के फैसले को पलटते हुए रिव्यू पिटिशन (Review Petition) को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने भूपेश बघेल को नियमित अदालत (Regular Court) में पेश होने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ दोबारा सुनवाई (Re-trial) होगी।
इससे पहले मार्च 2025 में CBI की विशेष अदालत ने भूपेश बघेल को सभी आरोपों से बरी (Acquitted) कर दिया था। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई ठोस आधार नहीं है और सभी धाराएं (Sections) हटा दी गई थीं। इस फैसले को चुनौती देते हुए CBI ने सेशन कोर्ट में रिव्यू याचिका दाखिल की थी, जिस पर अब फैसला आया है।
सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि भूपेश बघेल को झूठे मामले में फंसाया गया है। न तो उन्होंने किसी तरह की CD बनवाई और न ही उसे बांटने में उनकी कोई भूमिका रही। बचाव पक्ष ने कहा कि भूपेश बघेल ने कोई अपराध नहीं किया है।
वहीं इस मामले में कारोबारी कैलाश मुरारका और पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार विनोद वर्मा ने भी खुद को आरोपों से मुक्त करने के लिए आवेदन लगाया था, लेकिन सेशन कोर्ट ने उनके आवेदन खारिज कर दिए। कोर्ट का कहना है कि दोनों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उन्हें ट्रायल का सामना करना होगा।
इस केस में भूपेश बघेल के अलावा कारोबारी कैलाश मुरारका, पूर्व सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा, विजय भाटिया और विजय पांड्या आरोपी हैं। मामले के एक अन्य आरोपी रिंकू खनूजा ने केस सामने आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।
सेक्स CD कांड छत्तीसगढ़ की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता है। सितंबर 2018 में तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल और विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त उथल-पुथल मच गई थी। उस समय विधानसभा चुनाव में केवल तीन महीने का वक्त बचा था।
भूपेश बघेल ने उस दौरान जमानत लेने से इनकार कर दिया था। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और बीजेपी के खिलाफ व्यापक प्रदर्शन हुए। पूरे राज्य में “मैं भी भूपेश हूं” के नारे लगे। इसके बाद कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 68 सीटों के साथ बड़ी जीत दर्ज की थी।
सेक्स CD कांड की शुरुआत अक्टूबर 2017 में हुई थी, जब कथित अश्लील CD सामने आई, जिसे तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत से जोड़ा गया। शिकायत के बाद जांच दिल्ली तक पहुंची, जहां CD बनाने के इनपुट मिले। जांच की कड़ी पत्रकार और कांग्रेस के मीडिया सलाहकार रहे विनोद वर्मा तक जुड़ी।
भाजपा नेता प्रकाश बजाज की शिकायत पर 26 अक्टूबर 2017 को पंडरी थाने में केस दर्ज किया गया था। FIR में ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया था। जांच के दौरान पुलिस और CBI ने दिल्ली की एक दुकान से आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया था, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।