जनगणना 2027 में बड़ी चुनौती: यूपी-महाराष्ट्र में घरों की डबल एंट्री, छत्तीसगढ़ में नौकरी-रोजगार के आंकड़ों पर संकट

By : hashtagu, Last Updated : February 19, 2026 | 6:31 am

रायपुर: देश में होने वाली जनगणना 2027 (Census 2027) की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और महाराष्ट्र (Maharashtra) में घरों की डबल एंट्री (double entry) और छत्तीसगढ़ में नौकरियों/रोजगार (employment) तथा व्यवसाय/ऑक्यूपेशन (occupation) के सटीक आंकड़ों को लेकर बड़ी चुनौती (challenge) सामने आ रही है। अधिकारियों का मानना है कि अगर मकानों की सूची में एक ही घर का नाम दो बार दर्ज हो गया तो इससे कुल जनसंख्या (population) और रोजगार से जुड़े डेटा की सटीकता प्रभावित होगी।

जानकारी के अनुसार, कई राज्यों में मकान सूचीकरण के दौरान डुप्लिकेट एंट्री की समस्या सामने आई है। यदि इस गड़बड़ी को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो जनसंख्या के वास्तविक आंकड़ों में अंतर आ सकता है। इससे सरकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की योजना बनाने में दिक्कत हो सकती है।

छत्तीसगढ़ में खास तौर पर रोजगार और व्यवसाय से जुड़े आंकड़ों को लेकर प्रशासन सतर्क है। यहां बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं, जिनका स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में यह तय करना कि व्यक्ति किस काम में लगा है, स्थायी रोजगार में है या अस्थायी, यह जनगणना टीम के लिए कठिन कार्य होगा।

बताया जा रहा है कि जनगणना 2027 देश की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। इसमें मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डेटा एकत्र किया जाएगा। प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी, पहले मकान सूचीकरण और फिर जनसंख्या गणना का काम किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि डबल एंट्री और रोजगार से जुड़े आंकड़ों की विसंगतियां दूर नहीं की गईं तो अंतिम रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। इसलिए प्रशासनिक स्तर पर डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी और तकनीकी जांच की तैयारी की जा रही है।