गरियाबंद में बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन: सरेंडर नक्सलियों के खुलासे से जमीन में दबे SLR-इंसास बरामद, बड़ी साजिश नाकाम
By : hashtagu, Last Updated : February 17, 2026 | 12:29 am
By : hashtagu, Last Updated : February 17, 2026 | 12:29 am
गरियाबंद, छत्तीसगढ़: सरेंडर (surrender) कर चुके नक्सलियों के खुलासे के बाद गरियाबंद पुलिस ने एक बड़े एंटी नक्सल ऑपरेशन (Anti Naxal Operation) में जमीन के नीचे दबाकर रखे गए घातक ऑटोमैटिक हथियार (automatic weapons) बरामद किए हैं। मैनपुर क्षेत्र के ग्राम बडेगोबरा स्थित सातमारी पहाड़ी से 2 नग एसएलआर (SLR), 1 इंसास (INSAS) राइफल और 12 बोर बंदूक बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए किया जाना था, लेकिन समय रहते कार्रवाई कर साजिश को नाकाम कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, ओडिशा स्टेट कमेटी के शीर्ष माओवादी नेताओं ने इन हथियारों को सातमारी पहाड़ी क्षेत्र में डंप कर रखा था। जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों ने पूछताछ के दौरान संगठन के इस गुप्त ठिकाने का खुलासा किया। इसके बाद जिला पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम ने सटीक सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
16 फरवरी 2026 को गरियाबंद जिला मुख्यालय से रवाना हुई टीम को दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों का सामना करना पड़ा। कड़ी चढ़ाई और जोखिम भरे रास्तों के बीच जवानों ने इलाके की बारीकी से तलाशी ली। घंटों की मशक्कत के बाद टीम ने जमीन में छिपाकर रखे गए हथियारों का जखीरा बरामद कर लिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ हथियारों की बरामदगी नहीं, बल्कि नक्सलियों के सेफ हाउस और उनके नेटवर्क पर बड़ा प्रहार है। वर्ष 2024 से चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 2024 से अब तक 31 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए हैं, जबकि 29 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में वापसी की है। इस दौरान 73 हथियार जब्त किए गए हैं, जिनमें कई आधुनिक ऑटोमैटिक हथियार शामिल हैं। साथ ही नक्सलियों के आर्थिक तंत्र पर करीब 62.50 लाख रुपये की चोट पहुंचाई गई है।
धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन में 26 जनवरी 2026 तक अधिकांश सूचीबद्ध माओवादी या तो मारे जा चुके हैं या सरेंडर कर चुके हैं। पुलिस का दावा है कि अब गरियाबंद की धरती पर नक्सल गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं बची है और क्षेत्र में शांति व विकास की दिशा में ठोस कदम बढ़ रहे हैं।