168 दिन बाद जेल से रिहा चैतन्य बघेल, पिता भूपेश बघेल खुद गाड़ी चलाकर लेने पहुंचे, बाहर आते ही बोले– सत्य की जीत हुई

रिहाई के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद गाड़ी चलाकर बेटे को लेने जेल पहुंचे।

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  • Updated On - January 4, 2026 / 12:29 AM IST

रायपुर (छत्तीसगढ़)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के बेटे चैतन्य बघेल को 168 दिन बाद जेल से रिहाई मिली है। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एंटी करप्शन ब्यूरो/इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ACB/EOW) के दोनों मामलों में उन्हें सशर्त जमानत दी है। इसके बाद 3 जनवरी 2026 को चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए।

रिहाई के दौरान भावुक दृश्य देखने को मिले, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद गाड़ी चलाकर बेटे को लेने जेल पहुंचे। जेल के बाहर पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान नारेबाजी हुई, मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे फोड़े गए।

जेल से बाहर आते ही चैतन्य बघेल ने कहा कि सत्य की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि वह शुरू से खुद को निर्दोष बताते आ रहे थे और आज उन्हें न्याय मिला है। चैतन्य ने यह भी कहा कि आज उनका जन्मदिन है और यह दिन उनके परिवार के लिए खुशी का है।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेटे की रिहाई के बाद कहा कि यह सत्य की जीत है। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को निशाना बनाकर केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। भूपेश बघेल ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा था और वही भरोसा आज सही साबित हुआ।