रायपुर शराब घोटाला: EOW की तेज़ कार्रवाई, पूर्व MD AP त्रिपाठी समेत जांच में नए खुलासे

EOW के अनुसार शराब घोटाले में कमीशनखोरी, नकली होलोग्राम के इस्तेमाल और सप्लाई व्यवस्था में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।

  • Written By:
  • Updated On - February 19, 2026 / 10:44 PM IST

रायपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के चर्चित liquor scam (शराब घोटाला) मामले में Economic Offence Wing (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा – EOW) ने जांच तेज कर दी है। एजेंसी पूरे financial network (वित्तीय नेटवर्क) और कथित लेनदेन की परतें खोलने में जुटी है। इस मामले में आबकारी विभाग के पूर्व एमडी ए.पी. त्रिपाठी और पूर्व सहायक आयुक्त नवीन कुमार तोमर से पूछताछ की जा रही है।

EOW के अनुसार शराब घोटाले में कमीशनखोरी, नकली होलोग्राम के इस्तेमाल और सप्लाई व्यवस्था में गड़बड़ी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि किस तरह से शराब वितरण और बिक्री के दौरान अवैध वसूली की गई और किन अधिकारियों की क्या भूमिका रही।

नवीन कुमार तोमर को 27 लाख रुपये के कथित लेनदेन के मामले में गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने उन्हें 28 फरवरी तक EOW की हिरासत में भेजा है, ताकि एजेंसी उनसे नेटवर्क, पैसों के ट्रांजैक्शन और अन्य आरोपियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर सके।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस मामले में कार्रवाई की थी और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की थी। बाद में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने मामले की जांच अपने हाथ में ली और दस्तावेजों, बैंक खातों तथा सप्लाई रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू की।

जांच एजेंसियों का दावा है कि शराब घोटाले में संगठित तरीके से अवैध वसूली की गई और इससे सरकारी राजस्व को बड़ा नुकसान पहुंचा। फिलहाल EOW पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।