AI ने खोली पुलिस विभाग के 2 करोड़ रुपये के सैलरी घोटाले की पोल, 3 कॉन्स्टेबल 3 साल तक बढ़ाते रहे अपनी तनख्वाह
By : hashtagu, Last Updated : July 2, 2026 | 2:04 pm
जगदलपुर (छत्तीसगढ़): आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हुए ऑडिट (Audit) में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के पुलिस विभाग में करीब 2 करोड़ रुपये के सैलरी (Salary) घोटाले (Scam) का बड़ा खुलासा हुआ है। मामले में तीन आरक्षकों (Constables) को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने करीब तीन वर्षों तक वेतन रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अपनी सैलरी बढ़ाई और सरकारी राशि का गबन किया।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान आरक्षक गिरीश राय, राजकुमार कतलम और हेमंत मैथ्यू के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों के खिलाफ वेतन में हेराफेरी और सरकारी धन के गबन का मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, गिरीश राय जगदलपुर स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय की वेतन शाखा में सहायक के रूप में तैनात था, जबकि राजकुमार कतलम और हेमंत मैथ्यू कार्यालय की अन्य शाखाओं में कार्यरत थे। बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि कार्यालय में कराए गए आंतरिक और बाह्य ऑडिट के दौरान वेतन शाखा में अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच में खुलासा हुआ कि गिरीश राय वेतन तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था। उसने वेतन जारी होने से पहले रिकॉर्ड की सॉफ्ट कॉपी में बदलाव कर धोखाधड़ी से अपना और दो अन्य आरक्षकों का वेतन बढ़ा दिया। इस तरह तीनों ने लगातार तीन वर्षों तक सरकारी सिस्टम का दुरुपयोग कर करीब 2 करोड़ रुपये का गबन किया।
पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरीश राय ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में कोई अन्य कर्मचारी शामिल था या नहीं और सरकारी धन की वसूली कैसे की जाएगी।




