रायपुर: रायपुर में चल रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र (Assembly) के दौरान सदन में कई जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार बहस और राजनीतिक हलचल देखने को मिली। प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान विपक्षी विधायकों ने विभिन्न विभागों और योजनाओं से जुड़े मामलों को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। इसी दौरान राज्यपाल द्वारा लौटाए गए एक महत्वपूर्ण विधेयक की जानकारी भी सदन में रखी गई, जिस पर सदन में चर्चा का माहौल बना रहा।
सत्र के दौरान विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई, किसानों से जुड़े मुद्दों, धान खरीदी व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़ी हो रही है और इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
विधानसभा में चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि कुछ विधेयक ऐसे हैं जिन्हें राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था, लेकिन वे वापस लौट आए हैं या अभी लंबित हैं। इस मुद्दे को लेकर भी सदन में राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली और कई विधायकों ने इस पर सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
सत्र के दौरान कई विधायकों ने अपने अपने क्षेत्रों से जुड़े स्थानीय मुद्दों को भी उठाया। इनमें किसानों की समस्याएं, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े सवाल शामिल रहे। सरकार की ओर से संबंधित मंत्रियों ने इन सवालों पर जवाब देते हुए स्थिति स्पष्ट की और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
विधानसभा सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई। आरोप और प्रत्यारोप के बीच सदन का माहौल कई बार गर्म हो गया और राजनीतिक गतिविधियां पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रहीं।